भारत व अमेरिका के बीच हाल ही में क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज) क्षेत्र में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की टीम ने सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), जमशेदपुर का दौरा किया। अमेरिकी महावाणिज्य दूत कैथी गाइल्स-डेविस के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में राजनीतिक व आर्थिक मामलों के कौंसल बार्फस कालुंड भी शामिल थे. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में संभावित सहयोग, अनुसंधान व तकनीकी साझेदारी के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई।
सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक संदीप घोष चौधरी ने संस्थान की अनुसंधान क्षमताओं व उपलब्धियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल को क्रिटिकल मिनरल्स, धातुओं, उन्नत सामग्री व संबंधित धातुकर्म अनुसंधान क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की प्रदर्शनी भी दिखाई गई। इस दौरान कैथी गाइल्स-डेविस ने स्वच्छ हरित ऊर्जा की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राथमिक व द्वितीयक संसाधनों के प्रसंस्करण में भारत व अमेरिका के अनुसंधान संस्थानों के बीच संवाद और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के अनुसंधान व शैक्षणिक संस्थानों के बीच साझेदारी से क्रिटिकल मिनरल्स क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी। इस मौके पर दोनों पक्षों ने भविष्य में संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी आदान-प्रदान व क्षमता निर्माण के अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
