राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। शनिवार को प्रीति और जैसमीन लांबोरिया ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की झोली में दो और गोल्ड डाल दिए। दोनों भारतीय मुक्केबाजों ने फाइनल में एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज करते हुए अपनी श्रेष्ठता साबित की।
विश्व नंबर-3 प्रीति ने महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबले की शुरुआत से ही प्रीति ने अपनी तेज गति, सटीक पंच और शानदार टाइमिंग से कनाडाई मुक्केबाज पर दबाव बनाए रखा। पांचों जजों ने तीनों राउंड में प्रीति को 30-27 के समान स्कोर से विजेता घोषित किया।
दूसरे राउंड में प्रीति के लगातार सटीक प्रहारों के कारण डेलगाडो नॉकडाउन भी हुईं। अंतिम राउंड में कनाडाई मुक्केबाज ने वापसी की कोशिश की, लेकिन प्रीति ने संयम बनाए रखते हुए दूरी का बेहतरीन इस्तेमाल किया और साफ-सुथरे पंच लगाकर मुकाबला पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखा।
प्रीति का पूरे टूर्नामेंट में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्हें सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश मिला था, जहां उन्होंने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को भी 5-0 से हराया था। उस मुकाबले में उन्होंने प्रतिद्वंद्वी को तीन बार ‘स्टैंडिंग काउंट’ पर पहुंचाकर फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं, विश्व नंबर-1 जैसमीन लांबोरिया ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में गत चैंपियन माइकेला वॉल्श (उत्तरी आयरलैंड) को भी 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।
पहले राउंड में मुकाबला कड़ा रहा और दो जजों ने वॉल्श को बढ़त दी, जबकि तीन जजों ने जैसमीन के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद भारतीय मुक्केबाज ने शानदार वापसी करते हुए दूसरे राउंड से मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया। उन्होंने सटीक कॉम्बिनेशन पंचों से सभी पांच जजों का समर्थन हासिल किया और तीसरे राउंड में भी अपना दबदबा कायम रखते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया।
जैसमीन ने सेमीफाइनल में लेसोथो की रापेलांग मासेलेला को एकतरफा मुकाबले में हराया था। दूसरे राउंड में तीन बार ‘स्टैंडिंग काउंट’ मिलने के बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया था। बर्मिंघम 2022 में 60 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली जैसमीन ने इस बार स्वर्ण जीतकर अपने राष्ट्रमंडल खेल अभियान को यादगार बना दिया। 2025 में विश्व चैंपियन बनने के बाद अब उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण भी अपने नाम कर 57 किलोग्राम वर्ग में अपनी बादशाहत और मजबूत कर दी।
