सैन डिएगो कॉमिक-कॉन 2026 में अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ के पैनल डिस्कशन के दौरान रणबीर कपूर और यश ने फिल्म के बारे में नई बातें बताईं। इस दौरान उनके साथ डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा भी मौजूद थे। हालांकि उम्मीद थी कि इवेंट का समापन फिल्म के ट्रेलर के ग्लोबल लॉन्च के साथ होगा, लेकिन मेकर्स ने ‘सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट’ को फिल्म का इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर बनाने के बाद आखिरी समय में इसे टालने का ऐलान किया। ‘रामायण’ का ट्रेलर कॉमिक-कॉन पैनल के ठीक बाद, 24 जुलाई को सुबह 8 बजे दुनिया भर में रिलीज़ किया जाना था। लेकिन, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने ‘इंस्टाग्राम’ पर बताया कि लॉन्च टाल दिया गया है। उन्होंने लिखा, “आज हमारी ‘रामायण’ के लिए बहुत खास पल है। ‘सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट’ के साथ हमारी पार्टनरशिप से ‘रामायण’ को दुनिया तक ले जाने का मेरा सपना अब सच हो रहा है। इसे देखते हुए, हम अब अपना ट्रेलर बाद में किसी तारीख पर दुनिया भर में लॉन्च करेंगे।” यह घोषणा तब हुई जब मेकर्स ने कन्फर्म किया कि ‘सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट’ फिल्म को इंटरनेशनल लेवल पर डिस्ट्रीब्यूट करेगी। कॉमिक-कॉन इवेंट के दौरान, रणबीर कपूर ने भगवान राम का रोल निभाने के बारे में बात की और माना कि उनका पहला रिएक्शन डर का था। “मुझे याद है जब मुझे यह फिल्म पहली बार ऑफर की गई थी, तो बहुत डर और शक था। ‘क्या मैं यह कर पाऊंगा, क्या मैं इसके काबिल हूं?’ लेकिन मुझे लगता है कि वह शक बहुत जल्दी शुक्रगुज़ारी में बदल गया। मुझे लगता है कि यह एक आशीर्वाद, ज़िंदगी भर का मौका और एक नैतिक ज़िम्मेदारी थी। रामायण हमारे अवचेतन मन में बसी हुई है। भगवान राम 4000 से ज़्यादा सालों से, पीढ़ियों से दुनिया भर के लाखों लोगों की अंतरात्मा के रक्षक रहे हैं। वे मुश्किल समय में मानवीय भावना की जीत का प्रतीक हैं। वे साहस, करुणा, माफ़ी और सच्चाई के प्रतीक हैं, और बस उन्हें रिप्रेजेंट करने का मौका मिलना ही बहुत बड़ी बात है।” एक्टर ने कहा कि उन्हें जल्द ही एहसास हुआ कि पौराणिक कथाओं के सबसे सम्मानित किरदारों में से एक का रोल निभाने के लिए ईमानदारी और पक्के इरादे की ज़रूरत है। उन्होंने आगे कहा, “शुरुआत में ही मुझे समझ आ गया था कि इसके लिए बहुत ज़्यादा भरोसे, विश्वास, सच्चाई और नेक इरादों की ज़रूरत होती है। हमारी पूरी कास्ट और क्रू का एक ही नेक इरादा था और वह यह कि कहानी को जितना हो सके, असलियत के करीब रहकर दिखाया जाए।”
