सीआईआई झारखंड ने शुक्रवार को जमशेदपुर में केपीएमजी इंडिया के सहयोग से “न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2025 एंड बियॉन्ड” विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया। कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, कर विशेषज्ञों, वित्तीय सलाहकारों और व्यवसायिक संस्थानों के अधिकारियों ने भाग लेकर नए आयकर कानून, निवेश प्रोत्साहन, आईपीओ तैयारी तथा घरेलू एवं वैश्विक विस्तार की रणनीतियों पर चर्चा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष एवं मेटलवर्क इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय सभरवाल ने कहा कि भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य में एक पारदर्शी, पूर्वानुमेय और तकनीक-आधारित कर व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि नया आयकर अधिनियम अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाकर निवेश और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देगा।
सीआईआई झारखंड फाइनेंस एंड टैक्सेशन पैनल के संयोजक तथा टाटा स्टील के चीफ लीगल काउंसिल (इनडायरेक्ट टैक्सेशन) विकास मित्तल ने कहा कि प्रस्तावित कर सुधार जटिलता से स्पष्टता की ओर एक बड़ा कदम हैं। इससे अनुपालन आसान होगा, विवाद कम होंगे और व्यवसायों को विकास एवं नवाचार पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा। बीबीएसआर एंड एसोसिएट्स एलएलपी के पार्टनर अरुण छाबड़ा ने कहा कि आज के कारोबारी माहौल में कराधान, कॉरपोरेट पुनर्गठन, फंड जुटाने और वैश्विक विस्तार की रणनीतियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने व्यवसायों को केवल अनुपालन तक सीमित न रहकर दीर्घकालिक विकास के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।
