June 10, 2026
BIHAR

टाटा स्टील के कर्मचारियों से लेकर टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी सदस्यों में गे्रड रिवीजन समझौता में हो रही देरी पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है. वहीं यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी, डिप्टी प्रेसीडेंट शैलेश सिंह व महामंत्री सतीश सिंह का जमशेदपुर में ग्रेड रिवीजन वार्ता को छोड़ कर पिछले चार दिनों से नई दिल्ली जाने को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है. कमेटी सदस्यों के आवाज उठने लगे हैं कि यूनियन नेतृत्व कर्मचारियों की हितैषी का दिखावा कर रहा है. यदि उन्हें कर्मचारियों का ख्याल रहता तो पिछले 18 महीने से लंबित ग्रेड रिवीजन पर को लेकर चल रही वार्ता को छोड़ कर ईपीएस -95 के बहाने नई दिल्ली नहीं जाते. उन्हें यदि जाना था तो मुम्बई जाना था जहां टाटा स्टील के टॉप लेवल के पदाधिकारियों से बातचीत कर बेहतर ग्रेेड रिवीजन कराने का प्रयास करना था।

टाटा वर्कर्स यूनियन के कर्मचारियों से लेकर टाटा वर्कर्स यूनियन के कई कमेटी सदस्यों का मानना है कि वर्तमान समय में यूनियन की प्राथमिकता ग्रेड रिवीजन समझौते को जल्द पूरा कराना होना चाहिए. उनका कहना है कि कर्मचारियों की सबसे बड़ी अपेक्षा बेहतर ग्रेड रिवीजन समझौता है, इसलिए यूनियन नेतृत्व को इस दिशा में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. कुछ सदस्यों ने यह भी तर्क दिया कि यदि ग्रेड रिवीजन पर दबाव बनाने की आवश्यकता थी तो यूनियन प्रतिनिधियों को कंपनी के शीर्ष प्रबंधन से बातचीत के लिए मुंबई का रुख करना चाहिए था. उनका मानना है कि ग्रेड रिवीजन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय कंपनी के उच्च प्रबंधन स्तर पर लिए जाते हैं।

कर्मचारियों का ईपीएस-95 बहाना, 5 वर्षों का कार्यकाल कराना लक्ष्य

टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी सदस्यों के बीच पिछले चार दिनों से इस बात को लेकर चर्चा की जा रही है कि नई दिल्ली दौरे का संबंध केवल ईपीएस-95 मुद्दे तक सीमित नहीं है बल्कि यूनियन के टॉप नेतृत्व का यह लक्ष्य है कि यूनियन का कार्यकाल 3 वर्षों से बढ़ा कर पांच वर्ष कराया जाए जबकि ऐसा फिलहाल कुछ वर्षों तक होना दिखता नहीं है. वहीं यूनियन नेतृत्व ने नई दिल्ली में केन्द्रीय श्रम मंंत्री मनसुख मावंडिया से मिलकर ईपीएस-95 से जुड़े मामले को लेकर ज्ञापन भी सौंपा है।

प्रबंधन व यूनियन का लक्ष्य 11 तक हो ग्रेड रिवीजन समझौता

टाटा स्टील के कर्मचारियों व कमेटी सदस्यों के बीच यह भी चर्चा हो रही है कि 11 जून तक ग्रेड रिवीजन समझौता कर दिया जाएगा. क्योंकि प्रबंधन व यूनियन इस लक्ष्य को मान कर चल रही है. ऐसे में अब कर्मचारियों की नजर आने वाले दो-तीन दिनों में टिकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *