बिहार लघु जल संसाधन विभाग, सासाराम में तैनात कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी ने महज 12 साल की सरकारी सेवा में करोड़ों रुपये की चल-अचल खड़ी की। गुरुवार को आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने उनके पटना, मुजफ्फरपुर, सासाराम और बांका स्थित छह ठिकानों पर छापे मारे। दानापुर स्थित पॉश अपार्टमेंट कॉलोनी में उनके दो आलीशान फ्लैट मिले हैं, जिनकी साज-सज्जा पर अलग से लाखों रुपये खर्च किये गए हैं। उनके परिसरों से करीब नौ लाख रुपये नकद, 75 लाख रुपये मूल्य का करीब 500 ग्राम सोना, फ्लैट एवं जमीन में निवेश से संबंधित कई कागजात भी बरामद किया गया है। ईओयू ने फिक्स डिपॉजिट (एफडी) एवं 21 बैंक खातों में जमा करीब 25 लाख रुपये की राशि को फ्रीज करा दिया गया है। ईओयू के मुताबिक, मार्च 2014 में सरकारी सेवा में आये कार्यपालक अभियंता ने दानापुर के आदमपुर स्थित वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट में एक और आशोपुर स्थित वीनस एंपायर अपार्टमेंट में एक सहित कुल दो फ्लैट खरीदा है। इनकी वर्तमान बाजार कीमत करोड़ रुपये में है। 17 बीमा पॉलिसियां सहित फ्लैट व जमीन निवेश से संबंधित कागजात भी बरामद किए गए हैं। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की आठ सदस्यीय टीम ने सासाराम में पदस्थापित लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी की ससुराल में गुरुवार को करीब 12 घंटे तक छापेमारी की। ईओयू की टीम सुबह करीब आठ बजे काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के स्पीकर चौक के निकट महामाया स्थान गली स्थित अभियंता के ससुराल के तीन मंजिला मकान पर पहुंची। जांच पूरी कर टीम रात के आठ बजे मकान से निकली। छापेमारी के दौरान घर से तीन लाख नकद और 20 लाख से अधिक के गहनों की बरामदगी की चर्चा है। छापेमारी में शामिल ईओयू के अधिकारी ने जब्त गहने व नकदी के संबंध में कुछ भी बताने से इनकार किया है। टीम सुबह जब छापेमारी के लिए पहुंची तब अभियंता के ससुराल वाले मकान में किरायेदार ही थे। उनकी सास मीरा रानी जायसवाल बीमार होने के कारण पांच माह से अपने दामाद के साथ पटना में ही रह रही हैं। टीम मकान के अंदर घुसी तो पहली और दूसरी मंजिल पर अभियंता की सास के एक-एक फ्लैट में ताला बंद था। ग्राउंड से तीसरी मंजिल तक के चार फ्लैट में किराएदार रह रहे हैं। फ्लैट में ताला देख ईओयू के अधिकारियों ने पटना स्थित अभियंता के आवास पर संपर्क किया। वहां से फ्लैट की चाबी मंगवाई गई। ईओयू की टीम लगभग डेढ़ बजे चाबी लेकर पहुंची। इनमें आलमारी की चाबी नहीं थी। कमरे में रखी दो अलमारी के ताले तोड़वाकर उसकी तलाशी ली गई। इसमें तीन लाख रुपये नकद, 20 लाख से अधिक के सोने-चांदी के गहने, बैंक पासबुक व जमीन के कागजात मिलने की चर्चा है। सोने-चांदी के गहनों के वजन और मूल्यांकन के लिए स्थानीय जौहरी को बुलाया गया। इसके बाद जब्ती सूची बनाकर उसे एक किरायेदार को सौंपा गया। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के ससुर मंगल जायसवाल का जवाहरलाल रोड में टायर का व्यवसाय था। लगभग 20 वर्ष पहले उनकी मृत्यु हो गई। उन्हें एक ही पुत्री छोटी कुमारी है। उनसे अभियंता अरविंद कुमार चौधरी की शादी हुई है। सास मीरा रानी जायसवाल स्पीकर चौक वाले मकान में किरायेदारों के साथ रहती थीं। वृद्ध और बीमार होने के कारण लंबे समय से पटना में बेटी-दामाद के साथ रह रही हैं।
मोहल्ला के लोगों ने बताया मंगल जायसवाल का एक मंजिला मकान था। दामाद ने और दो तल्ले का निर्माण कराया। वह कभी-कभार यहां आते थे। वह अलग-थलग ही रहते थे। ईओयू की छापेमारी के बाद मोहल्ले में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
मुजफ्फरपुर में सहायक अभियंता थे अरविंद
कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी मुजफ्फरपुर में भी पदस्थापित रहे हैं। वे वर्ष 2018 से 2021 के बीच करीब ढाई साल तक बतौर सहायक अभियंता यहां अपनी सेवा दे चुके हैं। बांका जिले के रजौन थाना अंतर्गत पिपराडीह गांव निवासी अरविंद का मुजफ्फरपुर में सेवाकाल काफी साधारण रहा है। लघु जल संसाधन विभाग के मुजफ्फरपुर कार्यालय के जुड़े पुराने कर्मचारियों ने बताया कि उनकी मुजफ्फरपुर में बतौर सहायक अभियंता दूसरी पोस्टिंग थी। सुरक्षा में तैनात रही स्थानीय पुलिस टीम
टीम के साथ विवि थानेदार सविता कुमारी, काजी मोहम्मदपुर थाने की पुलिस भी थी। सुरक्षा के लिए पुलिस लाइन से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया। छापेमारी के दौरान घर के बाहर भीड़ जुटी रही। सूत्रों के अनुसार, कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी पर ज्ञात आय के स्रोतों से करीब 1.20 करोड़ रुपये अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
