बिहार के गयाजी में 6000 करोड़ रुपये की लागत से बड़ा एकीकृत इस्पात (Large Integrated Steel Project) प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना को लेकर उद्योग विभाग और महाशक्ति ग्रुप के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया है। प्रस्तावित स्टील प्लांट की उत्पादन क्षमता 1.0 से 1.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) होगी।
यह परियोजना बिहार के औद्योगिक विकास के लिए अहम मानी जा रही है। इससे राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा सहायक उद्योगों और छोटे कारोबारों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परियोजना को लेकर कहा कि यह बिहार के औद्योगिक विकास में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर लगातार काम कर रही है। निवेशकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं, पारदर्शी नीतियां और तेज प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे राज्य में बड़े निवेश आकर्षित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टील प्लांट के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (BIADA), उद्योग विभाग और निवेशक संस्थानों के संयुक्त प्रयासों से यह परियोजना तय समय में आगे बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
