भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक आर दोरइस्वामी ने कहा है कि जीवन बीमा क्षेत्र में लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद निगम बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत करने पर पूरी तरह केंद्रित रहेगा। अपनी प्लेटिनम जुबली यानी पचहत्तर वर्ष पूरे करने की ओर बढ़ रहा यह निगम बाजार हिस्सेदारी मजबूत करने के साथ-साथ राष्ट्रीय विकास में भी अपना निरंतर योगदान देता रहेगा। बीमा क्षेत्र की यह दिग्गज कंपनी अकेले जीवन बीमा खंड में लगभग साठ प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी पर अपना मजबूत नियंत्रण रखती है और वर्तमान में सत्तावन लाख करोड़ रुपये से अधिक की विशाल संपत्ति का प्रबंधन करती है। इसके पास देश भर में लगभग साठ हजार करोड़ रुपये मूल्य की रियल एस्टेट संपत्तियां भी मौजूद हैं। अस्तित्व के सत्तर वर्ष पूरे कर चुके एलआईसी की कहानी भारत के विकास की कहानी से पूरी तरह से अविभाज्य है, क्योंकि जैसे-जैसे देश की अर्थव्यवस्था बढ़ती है, वैसे-वैसे एलआईसी का भी विस्तार होता है।
पीटीआई से बात करते हुए आर दोरइस्वामी ने स्पष्ट किया कि एलआईसी का देश के साथ एक सहक्रियात्मक और गहरा संबंध रहा है, जहाँ निगम की वृद्धि सीधे तौर पर अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद करती है। वर्ष उन्नीस सौ छप्पन में अपनी स्थापना के बाद से संगठन की इस शानदार यात्रा पर विचार करते हुए उन्होंने कहा कि एलआईसी का विकास हमेशा भारत के समग्र विकास के साथ बहुत गहराई से जुड़ा रहा है। पीढ़ियों के कर्मचारियों और शीर्ष नेताओं के दृष्टिकोण, समर्पण तथा कड़ी मेहनत की मजबूत नींव पर निर्मित एलआईसी आज देश के सबसे सम्मानित और भरोसेमंद संस्थानों में से एक के रूप में विकसित हो चुका है। राष्ट्र निर्माण में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए यह निगम भविष्य में भी डिजिटल बदलावों और नए उत्पादों के जरिए अपनी बाजार हिस्सेदारी को और अधिक बढ़ाने तथा देश के हर नागरिक तक सुरक्षित बीमा लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
