भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल में सुरक्षा एजेंसियों ने एक चीनी नागरिक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
हरैया थाना पुलिस और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए व्यक्ति के पास से संदिग्ध दस्तावेज, नेपाली सिम कार्ड, नकदी और आपत्तिजनक विज्ञापन पत्र बरामद होने के बाद एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मैत्री पुल के रास्ते कर रहा था प्रवेश
हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान चीन के जियांग शानडोंग प्रांत निवासी 58 वर्षीय याओ शुजांग (YAO SHUZHANG) के रूप में हुई है। उसके पास मिले पासपोर्ट के अनुसार वह चीनी नागरिक है। पुलिस के मुताबिक गुप्त सूचना मिली थी कि एक विदेशी नागरिक नेपाल से मैत्री पुल के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाला है। सूचना के आधार पर एसएसबी और हरैया थाना पुलिस ने संयुक्त जांच अभियान चलाकर उसे पकड़ लिया। खिलौने कारोबार का दिया हवाला
पूछताछ में चीनी नागरिक ने बताया कि वह वर्ष 2022 से अब तक छह से सात बार चीन से खिलौने लेकर नेपाल आता रहा है। उसने पुलिस को बताया कि 11 मई को वह खिलौने बेचने के उद्देश्य से नेपाल के चितवन पहुंचा था। वहां से बीरगंज आने के बाद वह भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। नेपाली सिम और नकदी बरामद
पुलिस ने तलाशी के दौरान उसके पास से पासपोर्ट, मोबाइल फोन, दो नेपाली सिम कार्ड, 30 हजार 205 नेपाली रुपये, पहचान पत्र, लाइटर, पांच खिलौने, ट्रॉली बैग और पिट्ठू बैग बरामद किया। इसके अलावा उसके पास से एक इंप्लॉयमेंट एडवर्टाइजमेंट पेपर भी मिला है। विज्ञापन पत्र ने बढ़ाई चिंता
बरामद विज्ञापन पत्र में 18 से 20 वर्ष की लड़कियों को नौकरी दिलाने से जुड़ी बातें लिखी थीं। इसमें बीरगंज में सस्ते में लड़कियां उपलब्ध होने जैसी आपत्तिजनक सामग्री भी दर्ज थी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मानव तस्करी नेटवर्क से संभावित संबंधों की जांच भी शुरू कर दी है। कई एजेंसियां कर रहीं जांच
पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चीनी नागरिक का भारत और नेपाल आने-जाने का वास्तविक उद्देश्य क्या था और उसका संपर्क किन लोगों से था। सीमा क्षेत्र में विदेशी नागरिकों की गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई है।
