May 18, 2026
BIHAR (2)

पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन की ओर से आयोजित तीन दिवसीय ‘राजस्थान महोत्सव व मेला 2026’ रविवार से गोपाल मैदान में शुरू हुआ. कार्यक्रम में राजस्थान की लोक संस्कृति, कला, खानपानव सामाजिक समरसता को समर्पित इस महोत्सव में शहरवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, वरिष्ठ समाजसेवी व उद्योगपति सम्मेलन के मुख्य संरक्षक रमेश अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, गजानंद भालोटिया, राम कृष्ण चौधरी, इंदर अग्रवाल समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में साफा व अंगवस्त्र पहनाकर किया गया. सम्मान स्वरूप राजस्थान महोत्सव का बैच लगाया गया।

इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक सरयू राय ने  आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान अपनी संस्कृति, परंपरा व अतिथि सत्कार के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है. उन्होंने कहा कि  इस प्रकार के आयोजन जमशेदपुर की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विविधता को और मजबूत बनाते हैं. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष मुकेश मित्तल ने कहा कि राजस्थान महोत्सव केवल एक मेला नहीं बल्कि राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, संस्कार, शौर्य, कला व परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक प्रयास है. उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक एकता एवं पारिवारिक मूल्यों को भी मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि वर्तमान कार्यकाल में सम्मेलन द्वारा कई ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं, जिसमें काशीडीह की एक मुख्य सडक़ का नाम महाराजा अग्रसेन महाराज के नाम पर रखा जाना प्रमुख उपलब्धि है. साथ ही टाटा से जयपुर तक सीधी ट्रेन सेवा प्रारंभ कराने के लिए सम्मेलन के लगातार प्रयास किए गए, जिसका परिणाम है कि हाल ही में इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया गया. सम्मेलन के मुख्य संरक्षकों ने अपने संबोधन में आयोजन की भव्यता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा एवं सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा मिलता है।

महोत्सव के प्रथम दिन शाम को प्रसिद्ध हास्य कलाकार व राजस्थानी लोक संस्कृति के लोकप्रिय मंच संचालक संजय मुकुंदगढ़ की शानदार प्रस्तुति मुख्य आकर्षण का केन्द्र रही. अपने अनोखे अंदाज, हास्य-व्यंग्य, राजस्थानी लोक शैली एवं पारिवारिक मनोरंजन से भरपूर प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा. उनके संवाद, हास्य प्रसंग एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति पर पूरा पंडाल तालियों और ठहाकों से गूंज उठा. इस मौके पर अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों, राजस्थानी लोक नृत्य, संगीत प्रस्तुतियों एवं पारंपरिक झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया. मेले में लगे राजस्थान के पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प, सजावटी सामग्री एवं बच्चों के मनोरंजन के स्टॉल लोगों के आकर्षण का केन्द्र बने रहे. इस मौके पर सम्मेलन के पदाधिकारी, समाज के अन्य लोग मौजूद थे।

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