May 16, 2026
BIHAR

पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन के तत्वावधान में आगामी 17, 18 एवं 19 मई 2026 को गोपाल मैदान, बिष्टुपुर में तीन दिवसीय भव्य “राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं, कला, संगीत, खान-पान एवं सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम होगा। आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजन समिति ने बताया कि इस महोत्सव का शुभ उद्घाटन 17 मई 2026, रविवार को संध्या 5:00 बजे झारखंड के महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार द्वारा किया जाएगा। वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आगमन की भी संभावना है। इसके अतिरिक्त राज्य के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, उद्योगपति एवं गणमान्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल होंगे। आयोजन समिति ने जानकारी देते हुए बताया कि तीनों दिनों तक जमशेदपुर की फिजाओं में राजस्थान की माटी की सौंधी खुशबू महकेगी। शहरवासियों को राजस्थान की लोक संस्कृति, पारंपरिक कला एवं राजस्थानी आतिथ्य का जीवंत अनुभव कराने के उद्देश्य से इस महोत्सव को विशेष रूप से तैयार किया गया है।

महोत्सव के दौरान राजस्थानी लोक संगीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भव्य प्रस्तुतियाँ होंगी। 17 मई को प्रसिद्ध लोक गायक संजय मुकुंदगढ़ अपनी लोक संगीत प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। 18 मई को सुप्रसिद्ध थिएटर ग्रुप दर्पण टॉक्स द्वारा हास्य-व्यंग्य से भरपूर मारवाड़ी नाटक “शेक्सपियर म्हारो जमाई” का मंचन किया जाएगा, जिसके लेखक एवं निर्देशक धुमित चौहान हैं। वहीं 19 मई को भारत की प्रसिद्ध लोक संगीत सम्राज्ञी मरु कोकिला सीमा मिश्रा अपनी मधुर प्रस्तुतियों से राजस्थान की लोक संस्कृति का रंग बिखेरेंगी। इस वर्ष के आयोजन में पहली बार “मिनी जैसलमेर” की विशेष झलक भी देखने को मिलेगी, जहाँ लोगों को जैसलमेर की संस्कृति एवं रेगिस्तानी वातावरण का अनुभव कराया जाएगा। यहाँ विशेष रूप से तैयार रेत के टीलों, पारंपरिक राजस्थानी सजावट एवं राजस्थानी ऊंट की सवारी का आनंद लोग उठा सकेंगे। यह आकर्षण बच्चों एवं परिवारों के लिए विशेष केंद्र रहेगा। महोत्सव में आकर्षण का प्रमुख केंद्र “चोखी ढाणी” की विशेष थीम रहेगी, जहाँ लोग पारंपरिक राजस्थानी वातावरण में बैठकर राजस्थानी व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। यहाँ  लोक संगीत, ऊंट सज्जा, कठपुतली नृत्य, घूमर, कलबेलिया नृत्य,मेहंदी, चूड़ी, पारंपरिक श्रृंगार एवं ग्रामीण संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

साथ ही मेले में विभिन्न प्रकार के राजस्थानी स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें पारंपरिक राजस्थानी वस्त्र, हस्तशिल्प, सजावटी सामग्री, आभूषण, राजस्थानी कला सामग्री, गृह सज्जा उत्पाद एवं अन्य पारंपरिक वस्तुएँ उपलब्ध रहेंगी। राजस्थानी खान-पान के स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का विशेष केंद्र होंगे। मेले में बच्चों, महिलाओं एवं परिवारों के लिए अनेक आकर्षक गतिविधियाँ आयोजित होंगी। साथ ही गेम जोन, सांस्कृतिक झाँकियाँ एवं मनोरंजन कार्यक्रम भी लोगों को राजस्थान की संस्कृति से जोड़ने का कार्य करेंगे। आयोजन समिति ने बताया कि “चोखी ढाणी” हेतु स्लॉट आधारित प्रवेश व्यवस्था रखी गई है, जिसके लिए अग्रिम बुकिंग प्रारंभ हो चुकी है। पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने जमशेदपुर एवं आसपास के लोगों से इस ऐतिहासिक एवं भव्य आयोजन में परिवार सहित शामिल होकर राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति एवं विरासत का आनंद लेने की अपील की है। प्रेस वार्ता में पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष मुकेश मित्तल प्रदीप कुमार मिश्रा दीपक भालोटिया अशोक गोयल नंदकिशोर अग्रवाल कृष्णा भालोटिया विश्वनाथ शर्मा हरि मित्तल जगदीश खंडेलवाल भोला चौधरी आकाश शाह बिमल अग्रवाल मंजू खंडेलवाल एवं मारवाड़ी समाज अन्य लोग मौजूद  रहे।

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