देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को भविष्य के कारोबार की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए भारत को वैश्विक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का नया केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा संकेत दिया है। टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि ने एआई अब केवल तकनीक नहीं रह गया है, बल्कि यह तेजी से वैश्विक कंपनियों के लिए कारोबार का मूल आधार बनता जा रहा है।टीसीएस की वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी का “ह्यूमन+एआई ऑपरेटिंग मॉडल” तेजी से मजबूत हुआ है। इस मॉडल के जरिए कंपनी ने एआई सेवाओं से 2.3 अरब डॉलर तथा क्लाउड, डेटा और साइबर सुरक्षा जैसी नई पीढ़ी की सेवाओं से 11.5 अरब डॉलर का वार्षिक राजस्व हासिल किया है।उन्होंने कहा कि जेनरेटिव और एजेंटिक एआई अब प्रयोग के स्तर से आगे बढ़ चुके हैं और ग्राहक इन्हें अपने मुख्य व्यवसायिक संचालन में स्थायी रूप से शामिल कर रहे हैं।
भारत बनेगा वैश्विक एआई हब
टीसीएस ने भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई बड़ी योजनाओं की घोषणा की है। कंपनी देश का पहला एआई-केंद्रित डेटा सेंटर स्थापित करने जा रही है, जिसकी रैक डेंसिटी 160 किलोवाट से अधिक होगी। इसके अलावा विभिन्न उद्योगों के लिए विशेष “एआई ऑपरेटिंग सिस्टम” विकसित किया जाएगा, ताकि एजेंटिक एआई आधारित समाधान तेजी से लागू किए जा सकें।चंद्रशेखरन ने कहा कि दुनिया में बिजली, कंप्यूटिंग क्षमता और जगह की सीमाओं के बीच भारत वैश्विक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रणनीतिक “+1 डेस्टिनेशन” के रूप में उभर रहा है।
वित्तीय प्रदर्शन में मजबूती
टीसीएस ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। मार्च तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 12.22 प्रतिशत बढ़कर 13,718 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 49,210 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 48,553 करोड़ रुपये था।मार्च तिमाही में कंपनी को 12 अरब डॉलर के नए सौदे मिले, जिनमें सबसे अधिक हिस्सेदारी उत्तरी अमेरिका और बैंकिंग व वित्तीय सेवा (बीएफएसआई) क्षेत्र की रही।
रोजगार में भी बढ़ोतरी
लगातार दो तिमाहियों की गिरावट के बाद टीसीएस ने चौथी तिमाही में 2,356 नए कर्मचारियों की भर्ती की। इसके साथ ही 31 मार्च 2026 तक कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,84,519 हो गई है।टीसीएस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक K Krithivasan ने कहा कि कंपनी के शीर्ष 139 ग्राहकों में से 130 ने टीसीएस को अपना एआई सेवा साझेदार चुना है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026 एंटरप्राइज एआई के लिए निर्णायक मोड़ साबित हुआ, क्योंकि कंपनियां अब पायलट प्रोजेक्ट्स से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर एआई तैनाती की ओर कदम बढ़ा रही हैं। टीसीएस की एआई-केंद्रित रणनीति से यह साफ संकेत मिल रहा है कि आने वाले वर्षों में एआई कारोबार, निवेश, सप्लाई चेन और जोखिम प्रबंधन के हर क्षेत्र को गहराई से प्रभावित करेगा। भारत में बड़े एआई डेटा सेंटर और तकनीकी निवेश देश को वैश्विक टेक्नोलॉजी मानचित्र पर नई पहचान दिला सकते हैं।
