May 19, 2026
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भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ और तस्करी की चुनौतियों से निपटने के लिए सीमा सुरक्षा बल एक अनोखी और प्राकृतिक सुरक्षा योजना पर विचार कर रहा है। सुंदरबन के कठिन दलदली इलाकों और नदी क्षेत्रों में, जहाँ बाड़ लगाना लगभग असंभव है, वहाँ बीएसएफ सांपों और मगरमच्छों को तैनात करने की संभावना तलाश रही है। इस योजना के तहत विशेष रूप से उन संवेदनशील रास्तों की पहचान की जा रही है जिनका उपयोग घुसपैठिए ४,०९६ किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार करने के लिए करते हैं। यह कदम कृत्रिम सुरक्षा उपकरणों के साथ-साथ प्राकृतिक बाधाओं का उपयोग करके निगरानी को और अधिक सख्त बनाने की एक रणनीतिक कोशिश है।

इस परियोजना के प्रारंभिक चरण में बीएसएफ वन्यजीव विशेषज्ञों और वन विभाग के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुँचाए बिना सांपों और मगरमच्छों की आबादी को सुरक्षा कवच के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि यह तरीका न केवल लागत में प्रभावी होगा बल्कि घने जंगलों और पानी वाले क्षेत्रों में रात के समय होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने में भी मददगार साबित होगा। वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल की ८५ से अधिक बटालियनें इस सीमा की रक्षा में जुटी हैं, और इस नए प्रयोग से मानव तस्करी और मवेशियों की चोरी जैसी घटनाओं में ५० प्रतिशत से अधिक की कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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