भारत के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच संतावनवां द्विवार्षिक महानिदेशक-स्तरीय सीमा समन्वय सम्मेलन आठ जून से ग्यारह जून तक नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने स्पष्ट किया है कि इस चार दिवसीय उच्च स्तरीय बैठक में बीजीबी द्वारा कथित अवैध ‘पुश-इन’ (जबरन सीमा पार कराने) और सीमा पर होने वाली मौतों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब हाल के हफ्तों में सीमा पर घुसपैठ की कोशिशों को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव देखा गया है, जिसके बाद बांग्लादेशी सीमा सुरक्षा बलों को पूरी सीमा रेखा पर हाई अलर्ट पर रखा गया है।
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में पंद्रह सदस्यीय बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीजीबी प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद अशरफ़ुज़मान सिद्दीकी कर रहे हैं, जबकि भारतीय दल की कमान बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार के हाथों में है। भारत का इस विषय पर लगातार यही रुख रहा है कि स्थापित द्विपक्षीय समझौतों और निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन करते हुए केवल अवैध घुसपैठियों को ही वापस बांग्लादेश भेजा जाता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पूर्व में यह भी कहा था कि बांग्लादेश को अवैध प्रवासियों के राष्ट्रीयता सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए ताकि उनकी सुचारू स्वदेश वापसी सुनिश्चित हो सके। इस बैठक में दोनों देशों के बीच सीमा पर कटीले तारों की बाड़ लगाने, नो-मैन्स लैंड पर अवैध निर्माणों को रोकने के साथ-साथ हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने जैसे गंभीर सुरक्षा मुद्दों पर भी व्यापक रूप से चर्चा की जाएगी।
