टाटा स्टील फाउंडेशन ने अपनी ट्राइबल क्यूज़ीन पहल के तहत इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) और इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम), औरंगाबाद के सहयोग से देशभर के 20 आदिवासी गृह रसोइयों के लिए 10 दिवसीय क्षमता विकास कार्यशाला का सफल आयोजन किया।
13 से 23 जुलाई तक आयोजित इस कार्यशाला में 8 राज्यों की 12 जनजातियों के प्रतिभागियों को खाद्य स्वच्छता, रसोई संचालन, रेसिपी मानकीकरण, मेन्यू योजना, फूड प्रेजेंटेशन, ग्राहक सेवा और आधुनिक आतिथ्य प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया।
आईएचसीएल के कार्यकारी उपाध्यक्ष (एचआर) गौरव पोखरियाल ने कहा कि यह पहल प्रतिभागियों के कौशल विकास के साथ उन्हें आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने में सहायक होगी। टाटा स्टील फाउंडेशन के सीईओ सौरव रॉय ने कहा कि आदिवासी व्यंजन हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और यह पहल उन्हें व्यापक पहचान दिलाने के साथ आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनेगी।
टाटा स्टील फाउंडेशन का उद्देश्य पारंपरिक आदिवासी खानपान को संरक्षित करते हुए गृह रसोइयों को स्वरोजगार और बाजार से जोड़ने के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
