जेल के अधीक्षक नीरज कुमार झा को मंगलवार (23 जून, 2026) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. उनकी जगह राजीव कुमार को अधीक्षक का प्रभार दिया गया है. मंगलवार को बेऊर जेल में जिला प्रशासन एवं कारा निरीक्षणालय की ओर से संयुक्त रूप से छापेमारी की गई. इस दौरान घोर अनियमितता पाई गई. गृह विभाग (कारा) की ओर से जारी पत्र के अनुसार जेलर नीरज कुमार झा पर कई गंभीर आरोप लगे हैं. छापेमारी के दौरान पता चला कि जेल के अंदर लगभग सभी वार्डों में अवैध रूप से मेस का संचालन हो रहा था. कैदी अपना अलग खाना बनाने के लिए हीटर का प्रयोग करते पाए गए.
इतना ही नहीं कैंटीन में एमआरपी से अधिक दर पर बंदियों को सामान बेचने, बाहर से सामान खरीदकर कारा प्रशासन द्वारा बंदियों को ज्यादा दर पर उपलब्ध कराए जाने और निर्धारित मेन्यू के अनुसार बंदियों को भोजन नहीं देने का मामला भी सामने आया.
उच्च सुरक्षा कक्ष में किशोर कैदियों को उम्रदराज एवं कुख्यात कैदियों के साथ रखकर किशोर कैदियों के मानसिक एवं शारीरिक शोषण का आरोप भी नीरज कुमार झा पर लगा है. जांच दल को इसके साक्ष्य भी मिले हैं. विभाग ने माना है कि यह अनाचार को बढ़ावा देना है.
लेखा पंजियों का संधारण नियमानुसार नहीं पाया जाना, जांच के क्रम में कारा पदाधिकारी द्वारा जांच टीम को सहयोग नहीं किया जाना, जांच के समय बिना सुरक्षा के बंदियों के बीच जांच दल को छोड़कर बाहर चले जाना, इस तरह के आरोप भी अधीक्षक पर लगे हैं.
इन आरोपों को देखते हुए जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा पर एक्शन लिया गया है. निलंबनावस्था में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता संलग्न कारा से दिया जाएगा. आदर्श केंद्रीय कारा, बेऊर, पटना में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत राजीव कुमार जो बिहार कारा सेवा, सहायक कारा महानिरीक्षक भी हैं उन्हें बेऊर जेल अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.
