रियलिटी शो ‘लॉक अप सीजन 2’ के हालिया एपिसोड में एक बड़ा और हैरान करने वाला मोड़ आया है। शो के पहले फाइनलिस्ट बनने के महज एक दिन बाद अभिनेता हर्षद चोपड़ा ने अपनी करीबी दोस्त और सह-कलाकार शिवांगी जोशी को बेघर होने से बचाने के लिए शो से हटने का फैसला किया। शो में कंटेस्टेंट श्रेया कालरा को मिली विशेष पावर के तहत जब उन्होंने शिवांगी को एलिमिनेट करने का फैसला लिया, तब होस्ट रितेश देशमुख ने हर्षद को एक विकल्प दिया—वह या तो शिवांगी का एलिमिनेशन स्वीकार करें या खुद शो छोड़कर शिवांगी को पहला फाइनलिस्ट बना दें। हर्षद ने बिना देर किए अपनी फिनाले की जगह का त्याग कर दिया, जिससे शिवांगी शो की पहली फाइनलिस्ट बन गईं।
हर्षद चोपड़ा के इस कदम ने इंटरनेट और सोशल मीडिया यूज़र्स को दो गुटों में बांट दिया है। जहां उनके प्रशंसकों और समर्थकों ने दोस्ती के प्रति उनकी निष्ठा, त्याग और निस्वार्थ व्यवहार की जमकर तारीफ की है, वहीं दर्शकों के एक वर्ग ने इस फैसले की आलोचना की है। कुछ लोगों का मानना है कि शिवांगी ने हर्षद को भावनात्मक रूप से प्रभावित करके यह कदम उठाने पर मजबूर किया, जबकि अन्य का कहना है कि खेल के इस अहम पड़ाव पर फिनाले का मौका गंवाना एक गलत रणनीति थी।
