झारखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति, रांची के निर्देशानुसार जिला स्वास्थ्य समिति, पूर्वी सिंहभूम की ओर से एचआईवी/एड्स एवं एसटीआई को लेकर सघन जागरूकता अभियान-2026 की शुरुआत सोमवार को जिला स्तरीय बैठक के साथ की गई। अभियान के तहत जिले में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से आमजन, विशेषकर किशोरों एवं युवाओं तक एचआईवी/एड्स एवं एसटीआई से बचाव, जांच और उपचार से संबंधित सही जानकारी पहुंचाई जाएगी।
सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. साहिर पाल ने की। बैठक में टीबी विभाग, आईसीटीसी, एसटीआई, टीआई पार्टनर्स, प्लान इंडिया, संपूर्ण सुरक्षा केंद्र सहित विभिन्न विभागों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में एचआईवी/एड्स एवं एसटीआई के प्रति व्यापक जन-जागरूकता के लिए विभिन्न सरकारी विभागों एवं सहयोगी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने पूर्ण सहयोग देने की सहमति जताई।
असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. साहिर पाल ने कहा कि एचआईवी/एड्स की रोकथाम के लिए जागरूकता, समय पर जांच और उपचार सेवाओं तक आसान पहुंच बेहद महत्वपूर्ण है। जिले में चलाए जाने वाले इस सघन अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक एचआईवी एवं यौन संचारित संक्रमणों से संबंधित सही जानकारी पहुंचाना तथा समाज में व्याप्त भ्रांतियों और भेदभाव को दूर करना है। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान विशेष रूप से किशोरों, युवाओं एवं समुदाय के अन्य वर्गों तक पहुंच सुनिश्चित की जाए और लोगों को बिना किसी झिझक के उपलब्ध जांच एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाए।
डॉ. पाल ने कहा कि एचआईवी के साथ जीवन जी रहे व्यक्तियों के प्रति किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा विभाग, अन्य सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों एवं सहयोगी संगठनों की सक्रिय भागीदारी से अभियान को जिले के गांवों और समुदायों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाएगा। उन्होंने अभियान से जुड़े सभी पदाधिकारियों एवं संस्थाओं से निर्धारित गतिविधियों को समन्वय के साथ संचालित करने और अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने की अपील की।
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजय कुमार सिन्हा ने कहा कि एचआईवी संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण में जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। समाज के प्रत्येक वर्ग तक एचआईवी/एड्स एवं एसटीआई से संबंधित सही और वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से किशोरों एवं युवाओं को संक्रमण से बचाव, सुरक्षित व्यवहार, समय पर जांच तथा उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। अभियान को केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित न रखते हुए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों और समुदाय की सहभागिता से व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा।
डॉ. सिन्हा ने कहा कि अभियान के दौरान विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही समुदाय स्तर पर लोगों को एचआईवी संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों, जांच एवं उपचार सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने अभियान से जुड़े सभी विभागों एवं सहयोगी संस्थाओं से आपसी समन्वय के साथ अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता संदेश पहुंचाने की अपील की।
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी-सह-एचआईवी/एड्स नोडल पदाधिकारी डॉ. जोगेश्वर प्रसाद ने सघन जागरूकता अभियान के तहत आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों को लेकर राज्य स्तर से प्राप्त दिशा-निर्देशों एवं सुझावों को बैठक में विस्तार से साझा किया। उन्होंने अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग तथा समुदाय स्तर तक सही जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया।
अभियान के तहत स्कूल एवं महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों के साथ जिले के कुल 210 गांवों में सामुदायिक बैठक, नुक्कड़ नाटक, घर-घर जागरूकता अभियान, फ्लैश मॉब तथा विभिन्न सरकारी विभागों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को एचआईवी/एड्स एवं एसटीआई से बचाव, जांच एवं उपचार सेवाओं की जानकारी देने के साथ संक्रमण से जुड़ी भ्रांतियों और भेदभाव को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर दिशा टीम के दुर्योधन साहू, काउंसलर डॉ. रामचंद्र सिंह, श्वेता, अनिता कुमारी, ब्रेंडथ सोरेन, आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति के कार्यक्रम प्रबंधक पंकज शर्मा, जितेंद्र चौधरी, राहुल कुमार, ताराशंकर, कर्मी मुर्मू, श्रीकांत बाउरी, पूर्णिमा पात्रो, चित्रा पॉल, प्रियव्रत महापात्रा एवं कंचन कुमार सहित विभिन्न विभागों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
