September 17, 2026
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बिहार में अवैध बालू परिवहन पर सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। खान एवं भूतत्व विभाग ने जब्त किए गए वाहनों को लेकर नया आदेश जारी किया है। अब अवैध बालू ढुलाई में पकड़े गए वाहन के मालिक या चालक को 30 दिनों के भीतर जुर्माना और खनिज मूल्य की राशि जमा करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर वाहन को राज्यसात कर नीलामी की कार्रवाई की जाएगी।

विभाग के अनुसार, अवैध बालू ढुलाई के मामलों में जब्त वाहनों पर शमन शुल्क और खनिज मूल्य की राशि वसूलने के लिए 30 दिन की समय सीमा तय की गई है। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर संबंधित वाहन को सरकारी स्वामित्व में लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।

खान एवं भूतत्व विभाग की समीक्षा में सामने आया कि कई जिलों में जब्त वाहनों की संख्या के अनुपात में राज्यसात करने के प्रस्ताव काफी कम भेजे जा रहे हैं। विभाग ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए अधिकारियों को कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया है।

समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ जिलों में बिहार खनिज नियमावली के नियम 56 का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। नियम के तहत 30 दिनों में जुर्माना जमा नहीं होने पर वाहन को राज्यसात करने की प्रक्रिया के लिए समाहर्ता के पास प्रस्ताव भेजना जरूरी है।

विभाग ने सभी सहायक निदेशक और खनिज विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि समय सीमा समाप्त होते ही राज्यसात और अधिहरण से जुड़े प्रस्ताव तुरंत समाहर्ता को भेजे जाएं। वहीं, जिन मामलों में समाहर्ता स्तर पर सुनवाई लंबित है, उन्हें जिला विधि शाखा के सहयोग से जल्द निपटाने को कहा गया है।

विभाग का लक्ष्य अवैध खनन और बालू परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ जुर्माने और खनिज मूल्य की राशि की समय पर वसूली करना है। समाहर्ता के आदेश के बाद जब्त वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

इस फैसले से अवैध बालू कारोबार में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के मालिकों पर कार्रवाई का दबाव बढ़ेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे अवैध बालू ढुलाई पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और राजस्व वसूली भी बेहतर होगी।

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