बिहार में नीट परीक्षा में मुन्नाभाई और सॉल्वर गैंग के सदस्यों के पकड़ाने के बाद अब बैंकिंग की परीक्षा में धांधली करने वाले पुलिस की रडार पर आ गए हैं। पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल नीट (NEET) में फर्जी परीक्षार्थियों की पकड़े जाने की अभी जांच चल रही है, इसी बीच बैंक की परीक्षाओं में सेटिंग कराने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। बिहार की राजधानी पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र के मनोकामना मंदिर स्थित एक घर में छापेमारी के दौरान मोटी रकम लेकर बैंक में नौकरी दिलाने वाले रैकेट से जुड़े पांच शातिरों को पुलिस ने सोमवार की रात धर दबोच है।। इनके पास से 22 चेक, मार्कशीट और बैंक की कई परीक्षाओं से जुड़े प्रवेश पत्र बरामद हुए हैं। बताया जा रहा है कि इनके पास से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के विभिन्न बैंक शाखाओं के चेक मिले हैं। पुलिस के मुताबिक अभ्यर्थियों से एडवांस में चेक लिया जाता था ताकि परीक्षा पास होने के बाद रकम मिलने की गारंटी रहे। दानापुर एएसपी शिवम धाकड़ ने बताया कि सोमवार की रात सूचना मिली थी कि नीट और बैंक परीक्षा को लेकर यहां सेंटिंग की जा रही है। छापामारी के दौरान शाहपुर थाना क्षेत्र के प्रवीण शंकर उर्फ गोलू कुमार को गिरफ्तार किया गया। उसने बताया कि उसके चार अन्य साथी भी इस काम में लगे हैं। उसके बाद खाजेकलां के अमित चौधरी व राज कुमार, बिहटा के करन कुमार और मनोज कुमार को गिरफ्तार किया गया। कमरे से इंडियन बैंक की वैशाली शाखा का रामानंद महतो, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक का प्रेम कुमार, भारतीय स्टेट बैंक का हिमांशु जायसवाल, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया जमशेदपुर शाखा का गोलू कुमार, एचडीएफसी बैंक उत्तर प्रदेश का वैभव कुमार मिश्रा के नाम का हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक चेक बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, कई चेक में सात लाख राशि भी लिखी हुई थी। यह नौकरी के लिए अग्रिम तौर पर ली जाती थी। हालांकि, गिरफ्त में आए सेटरों ने यह भी बताया है कि अब तक कितने को पैसा लेकर नौकरी दिलाई है। उनसे पूछताछ चल रही है। इस संबंध में रूपसपुर थाने में पांच धंधेबाजों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। छापेमारी में एसटीएफ भी साथ थी। धंधेबाजों के गिरोह में कुछ और लोग भी शामिल हैं। लोगों से मिलने और लेनदेन के लिए इस घर को कार्यालय की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था। गिरोह लंबे समय से सक्रिय था।
