चंदवारा थाना क्षेत्र के उरवां गांव निवासी 26 वर्षीय दशरथ कुमार यादव का शव रविवार को जयनगर थाना क्षेत्र के डहुआटोल स्थित एक बंद खदान से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और हत्या की आशंका जताते हुए रांची-पटना मुख्य मार्ग (NH-20) को उरवां मोड़ के समीप करीब तीन घंटे तक जाम कर दिया।ग्रामीणों का आरोप था कि जब तक मामले का खुलासा और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक शव नहीं उठाने दिया जाएगा। बाद में पुलिस द्वारा 48 घंटे के भीतर मामले का उद्भेदन करने और आरोपितों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने के बाद जाम समाप्त कराया गया। इसके बाद जयनगर पुलिस ने खदान से शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। परिजनों के अनुसार दशरथ शनिवार सुबह करीब 10 बजे बाइक से घर से निकला था। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर उसकी तलाश शुरू की गई। मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ मिलने के बाद परिजनों ने आसपास खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद चंदवारा थाना में उसकी गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई गई। इसी बीच जानकारी मिली कि दशरथ को करियांवां पंचायत के डहुआटोल खदान क्षेत्र की ओर जाते देखा गया था। सूचना मिलने पर परिजन रात करीब दो बजे खदान पहुंचे, जहां लगभग 300 फीट गहरी खदान में उसका शव पड़ा मिला। परिजनों ने बताया कि मृतक के मुंह पर हरे रंग का गमछा बंधा हुआ था, जबकि उसकी बाइक खदान के समीप खड़ी मिली। मृतक के चाचा पवन यादव ने बताया कि वह तिलैया डैम से जयनगर तक बिछाई जा रही पेयजल पाइपलाइन परियोजना में कार्यरत था और दशरथ भी उसी कार्य की देखरेख करता था।
