फोनपे के शेयर डॉट मार्केट द्वारा जारी नवीनतम ‘क्रिस्प म्यूचुअल फंड स्कोरकार्ड’ ने उस आम धारणा को चुनौती दी है कि स्मॉल-कैप फंड लगातार बेहतर दीर्घकालिक रिटर्न देते हैं। कोलकाता से जारी इस रिपोर्ट में पिछले 20 वर्षों के आंकड़ों के आधार पर पाया गया कि ‘निफ्टी स्मॉल कैप 250 टीआरआई’ ने 12.54 प्रतिशत का वार्षिक रिटर्न दिया, जो ‘निफ्टी 100 टीआरआई’ के 11.72 प्रतिशत के रिटर्न से केवल थोड़ा सा ही अधिक है। हालांकि, इस मामूली बढ़त के मुकाबले स्मॉल-कैप फंड्स में उतार-चढ़ाव और भारी गिरावट का जोखिम काफी अधिक देखा गया।
यह अध्ययन स्मॉल-कैप निवेश की अत्यधिक चक्रीय को रेखांकित करता है, जिसमें तेजी और मंदी के चरणों के दौरान प्रदर्शन में बहुत बड़ा अंतर आ जाता है। फोनपे म्यूचुअल फंड्स के प्रमुख नीलेश डी. नायक के अनुसार, स्मॉल-कैप में लंबे समय तक बने रहने की ‘बाय-एंड-होल्ड’ रणनीति निवेशकों को अतिरिक्त जोखिम के बदले पर्याप्त लाभ नहीं दे पाती है। इसकी जगह बाजार के मूल्यांकन आधार पर रणनीतिक बदलाव करना अधिक प्रभावी साबित होता है। हालिया सुधारों बाद स्मॉल-कैप के मूल्यांकन में आई नरमी को देखते हुए, यह रिपोर्ट आक्रामक निवेशकों के लिए अगले 12 से 18 महीनों में निवेश का एक अच्छा अवसर देखती है। इसके साथ ही रिपोर्ट में जोखिम प्रबंधन और दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मजबूत निरंतरता वाले फंड्स को चुनने तथा गुणवत्ता व वैल्यू पर अनुशासित ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी गई है।
