आकाशवाणी के 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक विशेष आशु भाषण (एक्सटेम्पोर स्पीच) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय, जमशेदपुर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सहयोग से विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल में हुआ. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय समाज, संस्कृति, शिक्षा व राष्ट्र निर्माण में आकाशवाणी के नौ दशकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर आधारित रहा. प्रतियोगिता में अलग-अलग विभागों से करीब 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया. ‘भारत के विकास में आकाशवाणी की भूमिका’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए$ प्रतिभागियों ने आकाशवाणी द्वारा सूचना प्रसार, ग्रामीण विकास, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य जागरूकता, सांस्कृतिक संरक्षण, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में निभाई गई भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम में आकाशवाणी जमशेदपुर से कार्यक्रम प्रमुख राजेश कुमार राय, कार्यक्रम अधिशासी राकेश रमन व कार्यक्रम अधिशासी विवेक आदित्य मौजूद थे. इस मौके पर कार्यक्रम अधिशासी राकेश रमन ने कहा कि आकाशवाणी केवल एक रेडियो प्रसारण संस्था नहीं है, बल्कि यह भारत की सामूहिक स्मृतियों, संस्कृति व लोकतांत्रिक मूल्यों की सशक्त आवाज रही है. पिछले 90 वर्षों में इसने देश के करोड़ों नागरिकों को जोडऩे का कार्य किया है. डिजिटल युग में भी इसकी विश्वसनीयता और सामाजिक प्रतिबद्धता इसे विशेष बनाती है. राजेश राय ने अपने वक्तव्य में कहा कि आकाशवाणी ने देश के दूरस्थ क्षेत्रों तक सूचना और शिक्षा पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. आज जब सूचना के अनेक माध्यम उपलब्ध हैं, तब भी आकाशवाणी की विश्वसनीयता और जनसरोकार उसे विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं।
इस मौके पर नेताजी सुषाष यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने आकाशवाणी को 90 वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आकाशवाणी भारत की विकास यात्रा की सशक्त सहभागी रही है. स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक इस संस्था ने जनजागरण और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डा. प्रभात कुमार पानी ने कहा कि आकाशवाणी ने सूचना, शिक्षा और मनोरंजन के माध्यम से भारतीय समाज को दिशा देने का कार्य किया है।
