अलौली प्रखंड के मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी रमण जी भाई एवं एकाउंटेंट शाहिद अकरम के विरूद्ध निगरानी की कार्रवाई से अलौली प्रखंड समेत पूरे जिले में रिश्वतखोरों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि मनरेगा योजना के वर्ष 2023-24 में वेंडर द्वारा की गई आपूर्ति के एवज में राशि का भुगतान करना था। राशि के भुगतान के एवज में चढ़ावा मांगा गया। वेंडर द्वारा पहले राशि देने से आनाकानी किया गया तो उसके भुगतान को लगातार लंबित रखा जा रहा था। इसी क्रम में वेंडर ने रिश्वत देने की बात की तो पीओ भुगतान को तैयार हो गया, लेकिन वेंडर ने अपने राशि लेने में रिश्वत के रूप में खर्च होने वाले राशि की जानकारी निगरानी की टीम को दी। निगरानी की टीम ने रेकी की और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राशि का भुगतान किया गया। बताया जा रहा है कि प्रखंड परिसर स्थित निजी गाड़ी में जैसे रिश्वत की राशि पीओ ने लिया तो निगरानी की टीम ने धावा बोल दिया। वहीं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत एकाउंटेंट को भी 20 हजार रिश्वत की राशि दी गई, लेकिन उसने बड़ी ही चालाकी से पैसे के बंडल को बिना छुए ही स्थिति को भांप के नीचे गिरा दिया। इधर निगरानी डीएसपी ने बताया कि मनरेगा पीओ क ो रिश्वत के 45 हजार रुपए एवं एकाउटेंट को रिश्वत लेने के क्रम में गिरफ्तार किया गया है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि कार्यालय के एक कर्मी किसी तरह से मौका निकालकर वहां से भागने में सफल रहा। जिससे वह कार्रवाई से बच गया। इधर लोगों के बीच तरह तरह की चर्चा है। वहीं रिश्वतखोरों पर किए गए कार्रवाई से लोग काफी खुश नजर आ रहे हेैं।
