शहर के पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए टाटा स्टील यूआईएसएल ने कई नई योजनाओं पर काम शुरू किया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक अतुल भटनागर ने कहा कि आने वाले दिनों में जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों में मियावाकी प्रोजेक्ट को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। इसके तहत शहर के अलग-अलग स्थानों पर छोटे-छोटे घने जंगल विकसित किए जाएंगे, जिससे हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी और पर्यावरण संतुलन को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में जमशेदपुर का ग्रीन कवर एरिया लगभग 28 से 30 प्रतिशत है, जो देश के कई औद्योगिक शहरों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। हर वर्ष शहर में 1.50 लाख से अधिक पौधे लगाए जाते हैं और उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। मियावाकी तकनीक के माध्यम से कम स्थान में अधिक घनत्व वाले जंगल तैयार किए जाएंगे, जिससे जैव विविधता बढ़ेगी और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।
अतुल भटनागर ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। वर्तमान में टाटा स्टील यूआईएसएल अपने कार्यक्षेत्र में नियमित कचरा संग्रहण की व्यवस्था संचालित कर रही है। अब अक्षेस (नगर निकाय) क्षेत्रों में भी घर-घर से कचरा उठाव सेवा शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में टाटा स्टील और स्थानीय निकायों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बिजली और पेयजल सेवाओं की तरह कचरा संग्रहण और उसके वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था को भी व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ, हरित और रहने योग्य बनाने के लिए पर्यावरण संरक्षण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन दोनों क्षेत्रों में लगातार काम किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन से जमशेदपुर की पहचान एक स्वच्छ और हरित मॉडल सिटी के रूप में और मजबूत होगी।
