दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर करछना के पास बुधवार शाम हृदयविदारक घटना हुई। ट्रेन की चपेट में आने से पांच लोगों की हो गई। मरने वाले तीन युवकों की पहचान हुई है, जबकि दो की पहचान कराने की कोशिश हो रही है। रेलवे की ओर से भी मामले की जांच कराई जा रही है। पुलिस, जीआरपी के अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं। दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन पर पचदेवरा गांव के पास हुए हादसे के बाद ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही।
बुधवार शाम करीब सवा छह बजे कालका एक्सप्रेस के लोको पायलट ने पचदेवरा गांव के पास पटरी पर एक युवक की लाश देखकर ट्रेन रोक दी। उसने कंट्रोल रूम को सूचना दी। ट्रेन के ठहरने पर उसमें सवार कई यात्री नीचे उतर गए। चार युवक पटरी पर मौजूद थे। तभी कालका एक्सप्रेस का हार्न बजा तो पटरी पर मौजूद युवक चढ़ने के लिए आगे बढ़े।
इसी दौरान दूसरी दिशा से पुरुषोत्तम एक्सप्रेस आ गई। उसकी चपेट में आने से चार अन्य युवकों की भी मौत हो गई। घटना से वहां अफरातफरी मच गई। पांच युवकों की मौत से ट्रेन का आवागमन भी प्रभावित हो गया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर डा. अजय पाल शर्मा, डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव, एसपी जीआरपी प्रशांत वर्मा अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। आनन-फानन सभी शवों को ट्रैक से हटवाकर पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में मरने वाले सिवान बिहार निवासी 36 बलिराम भगत, फिरोजाबाद के खैरगढ़ पृथ्वीपुर के 19 वर्षीय आकाश पुत्र गिरिराज, मीरजापुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के नीबी बिसुंदपुर गांव के 20 वर्षीय सुनील कुमार पुत्र संतलाल की पहचान हो गई है। दो मृतकों की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। बलिराम भगत की लाश ट्रैक पर मिली थी, जिसे देखकर लोको पायलट ने रोकी थी। जबकि सुनील, आकाश समेत चार लोग ट्रेन रुकने पर नीचे उतर गए थे। हालांकि, वह नीचे क्यों उतरे थे, यह साफ नहीं हो सका है। कुछ यात्रियों ने कह कि चार युवक लघुशंका करने के लिए उतरे थे, जबकि कुछ ने शव देखने को उतरने की बात कही। अभी तक यह भी साफ नहीं हो सका है कि बिहार निवासी बलिराम की मौत किस ट्रेन की चपेट में आने से कैसे हुई थी। उधर, बेटे आकाश के साथ सफर कर रही मां सीता देवी रोती-बिलखती रही। उसने बताया कि कोलकाता में शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे।
डीसीपी यमुनानगर विवेक यादव ने बताया कि पचदेवरा में मैन रन ओवर पर कालका एक्सप्रेस रुकी थी। तभी चार यात्री ट्रेन से नीचे उतरकर पटरी पर पहुंच गए। इसी दौरान दूसरी दिशा से पुरुषोत्तम एक्सप्रेस आई, जिसकी चपेट में आने से चार की मौत हो गई।
