September 18, 2026
BIHAR

पूर्वी सिंहभूम सेंट्रल दुर्गा पूजा समिति का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष सह पूर्व भू-राजस्व मंत्री दुलाल भुइयां के नेतृत्व में सोमवार को उपायुक्त राजीव रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने दोनों अधिकारियों को दुर्गापूजा की तैयारियों और श्रद्धालुओं की सुविधा से संबंधित 34 सूत्री मांग-पत्र सौंपा। समिति ने शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में दुर्गोत्सव संपन्न कराने में जिला प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।
समिति ने मांग की कि जिन सार्वजनिक पूजा समितियों को अब तक लाइसेंस नहीं मिला है, उन्हें पूजा से पूर्व लाइसेंस जारी किया जाए। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रमुख पूजा स्थलों पर चलंत शौचालय, पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों और पंडालों तक पहुंचने वाले मार्गों की पूजा से पूर्व मरम्मत कराने पर भी जोर दिया गया।
बड़े पंडालों तक आपात स्थिति में एंबुलेंस और दमकल वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक ग्रीन कॉरिडोर बनाने, प्रमुख पंडालों में पुरुष एवं महिला पुलिस बल की तैनाती तथा नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की गई। षष्ठी से दशमी तक शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निशमन एवं चलंत स्वास्थ्य सेवाएं सक्रिय रखने की भी मांग की गई।
विसर्जन घाटों पर विशेष व्यवस्था की मांग
समिति ने सभी विसर्जन घाटों पर प्रकाश, प्राथमिक चिकित्सा, पर्याप्त गोताखोर, क्रेन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। जादूगोड़ा, नरवा पहाड़ और मऊभंडार स्थित घाटों की मरम्मत एवं सुविधाओं के लिए संबंधित कंपनियों से समय रहते आवश्यक व्यवस्था कराने को कहा गया। घाटशिला, मऊभंडार और मुसाबनी क्षेत्र की करीब 32 प्रतिमाओं के विसर्जन स्थल स्वर्णरेखा घाट, मऊभंडार में प्रकाश, एंबुलेंस, गोताखोर और घाट मरम्मत की व्यवस्था कराने की मांग की गई।
समिति ने मूर्तियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नए विसर्जन घाट विकसित करने तथा पुराने घाटों की सफाई, मरम्मत और प्रकाश व्यवस्था कराने की मांग की। विसर्जन जुलूस मार्ग पर पेड़ों की छंटाई और झूलते बिजली तारों को दुरुस्त करने तथा नदियों में बढ़े जलस्तर को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने की बात कही गई।
सड़क, यातायात और बिजली व्यवस्था पर जोर
मांग-पत्र में टेल्को-गोविंदपुर मुख्य मार्ग, अन्ना चौक से मानिफिट होते हुए डीवीसी मोड़ तक क्षतिग्रस्त सड़क और डिवाइडर की मरम्मत तथा रात्रि में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कराने की मांग की गई। सालगाझड़ी अंडरपास में प्रकाश एवं पुलिस बल की तैनाती, करनडीह रेलवे फाटक के समीप नाली की सफाई और परसुडीह से गोलपहाड़ी तक जर्जर सड़क की मरम्मत कराने की मांग भी शामिल है।
मखदूमपुर रेलवे फाटक पर जाम से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती, टाटानगर स्टेशन के सामने पेट्रोल पंप के पास जर्जर सड़क की मरम्मत तथा मानगो से साकची को जोड़ने वाले फ्लाईओवर का यथासंभव दुर्गापूजा से पहले उद्घाटन कराने की मांग की गई।
पंचमी से नवमी तक पंडालों में निर्बाध बिजली आपूर्ति, झूलते तारों की मरम्मत और जरूरतमंद सार्वजनिक पूजा समितियों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराने की मांग की गई। भोग निर्माण के लिए जरूरतमंद पंडालों को पूर्व की तरह शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
महिला सुरक्षा और अफवाहों पर निगरानी की मांग
समिति ने सप्तमी, अष्टमी, नवमी और दशमी को शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, महिला पुलिस बल की विशेष तैनाती करने तथा छेड़खानी रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की। रैश ड्राइविंग, तेज रफ्तार वाहन और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए रात्रि गश्ती बढ़ाने की मांग भी की गई।
पूजा के दौरान अफवाह फैलाने वाले शरारती तत्वों पर विशेष निगरानी रखने तथा प्रत्येक प्रखंड के प्रमुख पंडालों और शोभायात्राओं में पुरुष एवं महिला पुलिस बल की तैनाती की मांग की गई। पूजा स्थलों के आसपास नियमित साफ-सफाई और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव की व्यवस्था कराने को भी कहा गया।
बर्मामाइंस पूजा मैदान को लेकर भी मांग
समिति ने बर्मामाइंस सार्वजनिक दुर्गापूजा मैदान का मुद्दा भी उठाया। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, यहां करीब 80 वर्षों से दुर्गापूजा और मेला आयोजित होता रहा है। टाटा स्टील द्वारा सौंदर्यीकरण के तहत मैदान को समतल किए जाने के बाद पूजा एवं मेला आयोजन में आयोजकों को परेशानी हो रही है। समिति ने प्रशासन से मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए पूर्व की तरह पूजा आयोजन की अनुमति देने की मांग की।
इसके अलावा जिले के प्रमुख कॉरपोरेट घरानों के सहयोग से नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। प्रतिमा विसर्जन में इस्तेमाल होने वाले छोटे-बड़े वाहनों के फिटनेस की विशेष जांच कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की पुनरावृत्ति न हो।
समिति ने प्रशासन से आग्रह किया कि पूजा शुरू होने से पहले सभी प्रमुख समस्याओं का समाधान कराया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति शांतिपूर्ण एवं सफल दुर्गोत्सव के लिए जिला प्रशासन के साथ पूर्व की भांति सहयोग करती रहेगी।

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