बिहार के बेगूसराय जिले के चकिया थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने राजधानी दिल्ली के निर्भया कांड की भयावह यादें ताजा कर दी हैं। सामूहिक दुष्कर्म के सात दिन बाद पीड़िता के गुप्तांग से जांच के दौरान गोली, कंकड़ और लकड़ी के टुकड़े निकाले जाने के बाद पूरे जिले में सनसनी है। पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है और वह असहनीय दर्द से कराह रही है।
बीते 11 जून की रात हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद पुलिस ने उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया था लेकिन अगले दिन ही महिला को डिस्चार्ज किए जाने से अस्पताल की जांच प्रकिया और पुलिस कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है।
पीड़िता को पहले सदर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था, लेकिन लगातार दर्द बढ़ने पर दोबारा जांच में गंभीर आंतरिक चोटों का पता चला। चिकित्सकीय जांच के दौरान पीड़िता के शरीर से गोली का टुकड़ा, कंकड़ और लकड़ी जैसी वस्तुएं मिलने की बात सामने आई, जिससे मामला और गंभीर हो गया। पीड़िता ने बयान में बताया कि पांच लोगों ने उसे जबरन पकड़कर सुनसान स्थान पर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया और विरोध करने पर मारपीट की।
पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने शरीर पर ब्लेड से वार किए और बेहोशी की स्थिति में उसके साथ और भी क्रूरता की गई। पीड़िता ने बताया कि कुछ महीने पहले भी उस पर हमला और दुष्कर्म की कोशिश हुई थी, लेकिन उस समय प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों का मनोबल बढ़ा।
