September 16, 2026
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आम तौर पर समाज में यह धारणा बनी हुई है कि कुत्ते का काटना ही सबसे खतरनाक होता है और बिल्ली के काटने से कोई बड़ा नुकसान नहीं होता। लोग कुत्ते के काटने पर तो फौरन डॉक्टर के पास दौड़ते हैं, लेकिन बिल्ली के काटने या खरोंचने पर इसे मामूली बात समझकर छोड़ देते हैं। क्या सच में बिल्ली का काटना इतना सुरक्षित होता है? क्या यह लापरवाही किसी बड़ी मुसीबत को बुलावा तो नहीं है? कई हेल्थ रिपोर्ट्स और एक्सपर्ट्स का मानना है कि कुत्ते और बिल्ली—दोनों का ही काटना शरीर के लिए जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि दोनों के काटने से होने वाले खतरे और संक्रमण के रास्ते बिल्कुल अलग होते हैं।

हमारे देश में रैबीज के अधिकतर मामले मुख्य रूप से कुत्तों के काटने के कारण सामने आते हैं। विशेष रूप से आवारा या बिना टीके वाले कुत्तों के काटने पर रैबीज फैलने की आशंका बहुत अधिक बढ़ जाती है। संक्रमित जानवर की लार के माध्यम से खतरनाक वायरस शरीर में प्रवेश कर जाता है और यदि समय रहते मेडिकल सहायता न ली जाए, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। इसके अतिरिक्त, कुत्ते का काटना अक्सर शरीर पर गहरा और बड़ा घाव छोड़ता है, जिससे त्वचा और मांसपेशियों को भारी नुकसान पहुंचता है। यही कारण है कि डॉग बाइट को हमेशा एक बड़ी मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है।

इसके विपरीत, बिल्ली के काटने या उसके द्वारा की गई हल्की सी खरोंच को भी कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बिल्ली के दांत बहुत पतले और सुई की तरह नुकीले होते हैं, जो काटने पर त्वचा के भीतर बहुत गहराई तक चले जाते हैं। ऊपर से घाव भले ही छोटा या मामूली दिखाई दे, लेकिन बिल्ली के मुंह में पाया जाने वाला ‘पास्टेरुल्ला मल्टटोसिदा’ नामक बैक्टीरिया अंदर ही अंदर तेजी से फैलने लगता है। इस बैक्टीरिया की वजह से कुछ ही समय में तेज सूजन, असहनीय दर्द और गंभीर बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है, जिसके चलते कई बार मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने तक की नौबत आ जाती है।

इस स्थिति का आकलन करना आसान नहीं है कि किसका काटना ज्यादा खतरनाक है। अगर बात रैबीज के जोखिम की की जाए, तो कुत्ते का काटना निश्चित रूप से ज्यादा खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसके मामले ज्यादा व्यापक हैं। वहीं दूसरी तरफ, अगर खतरनाक बैक्टीरियल संक्रमण की दृष्टि से देखें, तो बिल्ली का काटना भी उतना ही गंभीर और तेजी से फैलने वाला खतरा पैदा कर सकता है। स्पष्ट है कि खतरे का अंदाजा सिर्फ जानवर के आकार से नहीं लगाया जा सकता। यदि आपको कोई भी पालतू या आवारा जानवर काट ले, तो सबसे पहले घाव को बहते पानी और साबुन से अच्छी तरह साफ करें, एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल करें और बिना एक भी पल गंवाए डॉक्टर से मिलें। घरेलू उपायों के भरोसे रहना इस स्थिति में भारी पड़ सकता है।

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