बिहार के दरभंगा जिले से बड़ी खबर सामने आई है. दरभंगा जिले के पतोर थाना क्षेत्र के चंचल नगर गांव में मंगलवार को निर्माणाधीन चारदीवारी के पास रखे एक संदिग्ध बम में अचानक विस्फोट हो गया. धमाके में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों में दहशत फैल गई. जानकारी के अनुसार, चंचल नगर में एक नवनिर्मित चारदीवारी का निर्माण कार्य चल रहा था. इसी दौरान चारदीवारी में एक झोले में लटका संदिग्ध बम अचानक फट गया. विस्फोट की चपेट में आकर राम बाबू और श्रीकांत पासवान घायल हो गए. स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तुरंत इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. मिली जानकारी के अनुसार दरभंगा जिले के पतोर थाना क्षेत्र के चंचल नगर में मंगलवार को बाउंड्री वॉल निर्माण के दौरान हुए संदिग्ध बम विस्फोट में दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी. एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. पुलिस प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद के पहलू को भी खंगाल रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
घायलों की पहचान चंचल नगर निवासी लक्ष्मी पासवान के पुत्र रामबाबू पासवान और सियाकांत के पुत्र भोला पासवान के रूप में हुई है. दोनों मजदूर निर्माणाधीन चारदीवारी में स्ट्रिंग खोलने का कार्य कर रहे थे. इसी दौरान लोहे की रॉड में टंगा एक झोला दिखाई दिया. मजदूरों ने झोले को हटाने की कोशिश की तो उसमें जोरदार विस्फोट हो गया. धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग दहशत में आ गए. स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए डीएमसीएच भेजा गया, जहां एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, जिस जमीन पर चारदीवारी का निर्माण हो रहा था, वह मोहम्मद शाहिद की बताई जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस जमीन को लेकर वर्षों से विवाद चला आ रहा है. बताया जाता है कि वर्ष 2008 में मोहम्मद शाहिद ने मोहम्मद शेर मोहम्मद से जमीन खरीदी थी, लेकिन वर्ष 2025 में उसी जमीन की दोबारा रजिस्ट्री डॉ. रफीक के नाम किए जाने के बाद विवाद और गहरा गया. स्थानीय लोगों का मानना है कि घटना का संबंध इसी पुराने जमीन विवाद से हो सकता है. हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी कारण की पुष्टि नहीं की है. पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि झोले में विस्फोटक किसने और कब रखा और घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके में पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है.
