जिले के बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में शुक्रवार को उस वक्त भारी अफरातफरी मच गई, जब प्रसव के दौरान एक मृत शिशु के जन्म के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
डॉक्टरों और जीएनएम पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोशित परिजनों ने लेबर रूम में घुसकर जमकर हंगामा किया और अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
इस दौरान उपद्रवियों ने जीएनएम हॉस्टल पर भी पथराव किया, जिससे अस्पताल परिसर में दहशत का माहौल बन गया। घटना के कारण कुछ समय के लिए स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं।
घटना की जानकारी देते हुए अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. ए.के. तिवारी ने बताया कि हंगामे के दौरान उपद्रवियों ने लेबर रूम में रखा लैपटॉप, टेबल समेत कई अन्य सरकारी सामान तोड़ दिए।
लैपटॉप क्षतिग्रस्त होने के कारण उसमें सुरक्षित अप्रैल माह से लेकर अब तक का जन्म संबंधी पूरा महत्वपूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड नष्ट हो गया है। इसके अलावा अस्पताल के कई जरूरी सरकारी अभिलेख भी अस्त-व्यस्त कर दिए गए।
ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और एएनएम के साथ गाली-गलौज की गई और उन्हें गंभीर धमकियां भी दी गईं। अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए सरकारी संपत्ति की क्षति और कर्मियों से दुर्व्यवहार की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के मुताबिक, नगर थाना क्षेत्र के चखनी गांव निवासी जवाहर राम की पुत्री ज्योति कुमारी (पति रितेश, निवासी चौतरवा) को बुधवार को प्रसव पीड़ा होने पर उसके मायके वालों ने अनुमंडलीय अस्पताल बगहा में भर्ती कराया था। शुक्रवार को प्रसव के दौरान मृत शिशु का जन्म हुआ। परिजनों का गंभीर आरोप है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने समय पर उचित देखभाल नहीं की, जिससे शिशु की जान चली गई। इसी बात से नाराज होकर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अस्पताल में बवाल की सूचना मिलते ही नगर थाना की पुलिस टीम भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक वार्ता कर मामला शांत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी भी समझौते पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन और पीड़ित परिजनों, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ नगर थाने में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। नगर थानाध्यक्ष शैलेश कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कर रही है।
अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. तिवारी के अनुसार, पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई है, जिसका फुटेज जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया गया है।
एहतियात के तौर पर अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा ऐसी कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
