रिपोर्ट के अनुसार, इस फाइनेंशियल ईयर में पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री में 4-6 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसकी वजह लगातार बनी हुई मांग, GST दरों में कटौती के बाद गाड़ियों का सस्ता होना और यूटिलिटी गाड़ियों की बढ़ती लोकप्रियता है। रेटिंग एजेंसी Icra की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले फाइनेंशियल ईयर में पैसेंजर गाड़ियों की थोक बिक्री में सालाना आधार पर 27 प्रतिशत की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह 4.4 लाख यूनिट तक पहुंच गई। वहीं, ग्राहकों की मज़बूत मांग, नए लॉन्च हुए मॉडल और गर्मियों में शादी के लंबे सीज़न की वजह से रिटेल बिक्री में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, एजेंसी ने कहा कि ईंधन और कमोडिटी की बढ़ती कीमतें और कमज़ोर मॉनसून की चिंताएं अहम बातें हैं जिन पर नज़र रखने की ज़रूरत है। Icra के अनुसार, यूटिलिटी गाड़ियों का इस सेगमेंट में दबदबा बना रहा और FY2026 में कुल पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री में इनकी हिस्सेदारी लगभग 68 प्रतिशत रही। साथ ही, पिछले साल सितंबर में GST दरों में कटौती के बाद मिनी और कॉम्पैक्ट कार कैटेगरी में भी मांग में सुधार देखा गया। एक्सपोर्ट भी अच्छा रहा और इस साल मई में इसमें सालाना 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो ग्लोबल मार्केट में भारतीय कार निर्माताओं की बढ़ती सप्लाई को दिखाता है। इसके साथ ही, इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपनाने का चलन भी बढ़ा है और FY2027 की शुरुआत में पैसेंजर गाड़ियों के सेगमेंट में EV की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 6 प्रतिशत हो गई है।
