बिहार में रेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार नई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसी कड़ी में पटना के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया जा रहा है। करीब 1323 करोड़ रुपये की लागत से तीन चरणों में नई रेल लाइनें बिछाने की योजना है। इसके पूरा होने के बाद यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ ट्रेनों के परिचालन की क्षमता में भी इजाफा होगा।
पहले चरण के तहत बख्तियारपुर से फतुहा के बीच 24 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस काम पर करीब 931 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नई लाइन के बनने से इस व्यस्त रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त क्षमता तैयार होगी। इस परियोजना के लिए करीब 6.6 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है और रेलवे की ओर से इसकी मंजूरी दी जा चुकी है।
दूसरे चरण में बख्तियारपुर से पुनारख के बीच करीब 30 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 392 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जमीन अधिग्रहण के लिए रेलवे बोर्ड से मंजूरी भी मिल चुकी है। नई लाइन के निर्माण से पटना-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों के बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
तीसरे चरण में राजेंद्र नगर से पटना साहिब तक रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए पटना के महत्वपूर्ण रेलखंडों पर अतिरिक्त पटरियां बिछाई जाएंगी। योजना के तहत दानापुर से पटना जंक्शन के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण होगा। इसके बाद राजेंद्र नगर टर्मिनल से पटना साहिब तक तीसरी लाइन बिछाई जाएगी। वहीं पटना साहिब से फतुहा के बीच तीसरी और चौथी लाइन तैयार की जाएगी।
इन रेल परियोजनाओं के पूरा होने से पटना के मौजूदा रेल नेटवर्क पर ट्रेनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। इसका सीधा असर ट्रेनों के परिचालन पर पड़ेगा और आउटर पर ट्रेनों के लंबे इंतजार की स्थिति में कमी आ सकती है। इसके साथ ही ट्रेनों की औसत रफ्तार और परिचालन क्षमता बेहतर होगी।
पटना आने-जाने वाले स्थानीय यात्रियों को भी इसका फायदा मिलेगा। मालगाड़ियों के संचालन के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी, जिससे यात्री और माल परिवहन को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। साथ ही पटना-हावड़ा मुख्य रेल लाइन पर ट्रैफिक को पहले से अधिक व्यवस्थित तरीके से चलाया जा सकेगा।
