एमजीएम मेडिकल कॉलेज में नए सत्र के 26 छात्रों के साथ रैगिंग के मामले में कॉलेज प्रबंधन ने कड़ी कार्रवाई की है। एंटी रैगिंग सेल की 48 घंटे तक चली जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद शैक्षणिक सत्र 2024 के 14 और सत्र 2025 के तीन छात्रों समेत कुल 17 छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया। सभी 17 छात्रों पर एनएमसी की गाइडलाइन के अनुसार 25-25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
कॉलेज प्रबंधन ने सत्र 2024 के 14 आरोपी छात्रों को अगले 15 दिनों तक कक्षा में शामिल होने से रोक दिया है। वहीं सत्र 2025 के तीन छात्रों को 8 अक्टूबर से होने वाली प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल होने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही कोल्हान विश्वविद्यालय को इन तीनों छात्रों का परीक्षा परिणाम जारी नहीं करने के लिए भी जानकारी दी गई है।
सीसीटीवी फुटेज और होमगार्ड के बयान से हुई पुष्टि
नए सत्र के छात्रों ने कॉलेज के एंटी रैगिंग सेल और एनएमसी को लिखित शिकायत देकर सत्र 2024 और 2025 के छात्रों पर रैगिंग का आरोप लगाया था। शिकायत के साथ रैगिंग से संबंधित ऑडियो और वीडियो भी साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराए गए थे। एनएमसी के निर्देश पर कॉलेज की एंटी रैगिंग सेल ने मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी छात्र एक दिन नहीं, बल्कि लगातार दो दिनों तक रात 12 बजे से 2 बजे के बीच नए छात्रों के हॉस्टल पहुंचे थे। सीसीटीवी फुटेज, मौके पर तैनात होमगार्ड जवानों के बयान और 26 से अधिक नए छात्रों द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर रैगिंग की पुष्टि हुई।
जांच पूरी होने के बाद एंटी रैगिंग सेल ने अपनी रिपोर्ट कॉलेज काउंसिल को भेजी। एनएमसी की गाइडलाइन के तहत सभी 17 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कॉलेज प्रबंधन ने आरोपी छात्रों और उनके अभिभावकों को चेतावनी दी है कि पहली गलती मानते हुए इस बार नरमी बरती गई है। भविष्य में दोबारा इस तरह की घटना होने पर सीधे आपराधिक मामला दर्ज कराया जाएगा।
हॉस्टल की सुरक्षा बढ़ाई, 12 होमगार्ड तैनात
घटना के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। हॉस्टल की निगरानी के लिए 12 होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा छात्रों को एमजीएम थाना प्रभारी का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया गया है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल थाना प्रभारी को सूचना देने का निर्देश दिया गया है।
मामले के जांच अधिकारी सह एसडीओ अर्णव मिश्रा ने एमजीएम समेत शहर के विभिन्न हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों से अपील की है कि वे हॉस्टल में रहकर अनुशासन के साथ पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि हॉस्टल से भागने या किसी तरह की अनैतिक गतिविधि में शामिल होने पर प्रशासन को कार्रवाई के लिए बाध्य होना पड़ेगा। प्रशासन नहीं चाहता कि किसी छात्र का करियर खराब हो। छात्रों को अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए।
