केरला पब्लिक स्कूल, कदमा ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए झारखंड का पहला स्कूल बनने का गौरव प्राप्त किया है, जिसे यूनेस्को एसोसिएटेड स्कूल नेटवर्क (ASPnet) में शामिल किया गया है। इसके साथ ही स्कूल शांति, सतत विकास, वैश्विक नागरिकता और अंतर-सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने वाले दुनिया भर के शिक्षण संस्थानों के नेटवर्क का हिस्सा बन गया है। स्कूल की ओर से साझा की गई यूनेस्को सदस्य निर्देशिका के अनुसार भारत में वर्तमान में 81 ASPnet सदस्य संस्थान हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर 167 राष्ट्रीय नेटवर्कों के माध्यम से करीब 10 हजार शैक्षणिक संस्थान इससे जुड़े हैं। स्कूल प्रबंधन के अनुसार यह उपलब्धि अचानक नहीं मिली, बल्कि पिछले तीन वर्षों से चल रही अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक गतिविधियों और छात्र सहभागिता का परिणाम है। वर्ष 2023 में केपीएस कदमा ने ग्लोबल स्कूल अलायंस से जुड़कर यूनेस्को ASPnet की सदस्यता के लिए प्रयास शुरू किया था। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल अंतरराष्ट्रीय अनुभव देना नहीं, बल्कि शांति, स्थिरता, वैश्विक नागरिकता और विभिन्न संस्कृतियों की समझ को उनकी शिक्षा का हिस्सा बनाना था।
2024 में बढ़ा अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव
वर्ष 2024 में स्कूल के छात्रों ने तुर्की, अर्जेंटीना, ताइवान, ऑस्ट्रेलिया, जापान, थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के स्कूलों एवं विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों में संवाद, सहयोग, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक संवेदनशीलता विकसित करने पर जोर दिया गया। नवंबर 2024 में छात्रों ने इंडोनेशिया, मिस्र और ग्रीस के विद्यार्थियों के साथ यूनेस्को ऑनलाइन कैंपस में स्थिरता और पुनर्योजी अर्थव्यवस्था पर चर्चा की। इससे छात्रों को वैश्विक स्तर पर पर्यावरण और विकास से जुड़े मुद्दों को समझने का अवसर मिला।
2025 में वैश्विक सहभागिता से कार्रवाई की ओर बढ़े कदम
वर्ष 2025 में स्कूल की गतिविधियों ने नया रूप लिया। अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भागीदारी के साथ छात्रों को पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करने के अवसर दिए गए। अंतर्राष्ट्रीय ग्लेशियर संरक्षण वर्ष के अवसर पर स्कूल की पहल ‘CRY FOR ICE — ACT NOW!’ को आगे बढ़ाया गया। इस दौरान छात्रों को सोलर मैन के नाम से प्रसिद्ध डॉ. चेतन सिंह सोलंकी, टाटा स्टील के एडवेंचर प्रोग्राम्स से जुड़े हेमंत गुप्ता तथा अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की ग्लेशियोलॉजिस्ट प्रो. रेम्या नम्बूदिरी जैसे विशेषज्ञों से संवाद का अवसर मिला। 21 मार्च को ग्लेशियरों के पहले विश्व दिवस और विश्व जल दिवस के अवसर पर भारत, अमेरिका, स्पेन, इजराइल और ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के साथ संवाद हुआ। इसमें जलवायु विज्ञान, जल संरक्षण, अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सार्वजनिक नीति और उद्यमिता जैसे विषय शामिल रहे। इसी क्रम में क्लासरूम्स टू क्लाइमेट एक्शन क्रूसेडर्स (CCAC) के माध्यम से छात्रों को पर्यावरणीय समस्याओं को पहचानने, समझने, समाधान खोजने और उस दिशा में कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया गया।
6 मार्च 2026 को मिली आधिकारिक मान्यता
लगातार अंतरराष्ट्रीय सहभागिता, छात्र गतिविधियों और सतत विकास से जुड़ी पहलों के बाद 6 मार्च 2026 को केरला पब्लिक स्कूल, कदमा को आधिकारिक रूप से यूनेस्को ASPnet स्कूल का दर्जा मिला। सदस्यता प्रमाणपत्र यूनेस्को, पेरिस की ओर से जारी किया गया। स्कूल इसे अपनी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारी की शुरुआत मान रहा है। वर्ष 2026 में स्कूल जलवायु कार्रवाई के साथ आपदा प्रबंधन और आपदा लचीलापन जैसे विषयों पर भी काम कर रहा है।
सुनामी जागरूकता कार्यक्रम में सहभागिता
स्कूल की आगामी पहलों में ‘सुनामी यूनाइटेड 2026’ भी शामिल है। ‘बी सुनामी रेडी: रेजिलिएंस बिगिन्स विद यू’ विषय के तहत छात्रों को सुनामी विज्ञान, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, आपदा तैयारी, सामुदायिक जागरूकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के रचनात्मक उपयोग से जोड़ा जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय पहल में 27 देशों के करीब 60 स्कूलों के लगभग 350 छात्र और 150 शिक्षक शामिल होने की उम्मीद है।
छात्र बना रहे हैं अंतरराष्ट्रीय संवाद की नई आवाज
जुलाई-अगस्त 2026 में स्कूल ने छात्र-नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय पॉडकास्ट श्रृंखला ‘ब्रेकिंग बैरियर्स: वॉइसेज़ ऑफ विमेन इन साइंस’ शुरू की। इसमें छात्र महिला वैज्ञानिकों के कार्य और जीवन यात्रा पर शोध करने के साथ उनसे संवाद और साक्षात्कार कर रहे हैं। इस पहल से डॉ. स्टेला काफ्का, डॉ. मानवी जाधव, डॉ. एमिली एल. रिकमैन, शिरान म्लामडोव्स्की सोमेच और डॉ. मारिया ऑगस्टा अरुदा जैसी वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ जुड़ी हैं। पहल का उद्देश्य विशेष रूप से छात्राओं को विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की उपलब्धियों से परिचित कराना और उन्हें यह विश्वास दिलाना है कि विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में उनके लिए भी व्यापक अवसर मौजूद हैं। इस अवसर पर केरला पब्लिक स्कूल के निदेशक शरत चंद्रन नायर, एसोसिएट निदेशक शांता वैद्यनाथन, अकादमिक निदेशक लक्ष्मी आर, विद्यालय प्रबंधन समिति के मनमोहन सिंह, प्रमुख क्यूबीई राघवन सोमनाथ, प्राचार्या शर्मिला मुखर्जी और प्रधानाध्यापिका श्रीमती अलमेलु रविशंकर सहित विद्यालय परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यूनेस्को ASPnet की सदस्यता के साथ केपीएस कदमा ने जमशेदपुर की कक्षाओं को वैश्विक मंच से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। अब स्कूल का लक्ष्य छात्रों को केवल वैश्विक मुद्दों से परिचित कराना नहीं, बल्कि उन्हें उन मुद्दों पर विचार करने, संवाद करने और समाधान की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार करना है।
