October 7, 2026
bihar

पूर्वी सिंहभूम सेंट्रल दुर्गा पूजा समिति के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने महासचिव ललन यादव एवं वरीय उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता के नेतृत्व में यूसील (UCIL) के महाप्रबंधक राकेश कुमार से उनके कार्यालय में मुलाकात कर आगामी दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर बैठक की। प्रतिनिधिमंडल ने यूसील के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक के नाम सात सूत्री मांग-पत्र सौंप कर त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया।

बैठक के दौरान महासचिव ललन यादव ने महाप्रबंधक को जादूगोड़ा क्षेत्र की दुर्गा पूजा समितियों की समस्याओं से अवगत कराते हुए बताया कि वर्तमान में जादूगोड़ा स्थित यूसील बैराज डैम के विसर्जन घाट पर क्षेत्र की करीब 11 पूजा समितियां प्रतिमाओं का विसर्जन करती हैं, और इस वर्ष नई पूजा शुरू होने से यह संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने प्रबंधन से आग्रह किया कि विसर्जन घाट पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और मूर्ति विसर्जन के लिए सुगम व्यवस्था की जाए। साथ ही नरवा पहाड़ विसर्जन घाट पर भी व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।

वरीय उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने कहा कि सेंट्रल दुर्गा पूजा समिति जिले भर की पूजा समितियों के साथ समन्वय बनाकर जिला प्रशासन के साथ लगातार कार्य कर रही है। विगत 15 सितंबर को समिति द्वारा एसएसपी एवं उपायुक्त को 34 सूत्री मांग-पत्र सौंपा गया था, जिस पर उपायुक्त ने संज्ञान लेते हुए क्रियान्वयन का आदेश जारी किया है और कई बिंदुओं पर कार्य जारी है।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि अष्टमी और नवमी पर भोग-प्रसाद बनाने के लिए आवश्यकतानुसार सूखा राशन एवं टैंकर के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, पूजा के दौरान अहले सुबह से ही पंडालों के आसपास सफाई एवं ब्लीचिंग का छिड़काव कराया जाए, सभी पंडालों को अग्निशमन यंत्र उपलब्ध कराया जाए, विसर्जन घाटों पर लाल रिबन से डेंजर जोन को चिन्हित किया जाए और विसर्जन समाप्त होने तक वहां यूसील सुरक्षा कर्मी की तैनाती की जाए।

इस पर महाप्रबंधक राकेश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए आश्वस्त किया कि यूसील की टीम लगी हुई है और दुर्गा पूजा से एक दिन पहले सभी समितियों को यथासंभव सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस बार यूसील प्रबंधन दुर्गा पूजा को हरित आयोजन बनाने के लिए प्रयासरत है, ताकि प्रदूषण कम हो और स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिल सके। उन्होंने सभी समितियों से प्लास्टिक के स्थान पर पत्तल-दोने का प्रयोग करने की अपील की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *