शिक्षकों के दुष्कर्म मामले को छिपाने और देरी से कार्रवाई के मामले में जब गाज गिरनी शुरू हुई, तो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लंबित मामलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हो गई है।अब ब्रह्मपुर प्रखंड के गरहथा कला मध्य विद्यालय में एक शिक्षक द्वारा छात्रा से कंधे की मालिश कराने का मामला प्रकाश में आया है। मामले में विद्यालय के विशिष्ट शिक्षक रामबचन यादव समेत प्रधानाध्यापक और दो अन्य शिक्षकों को विभाग ने निलंबित कर दिया है। ब्रह्मपुर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा विद्यालय का निरीक्षण किए जाने के बाद विभाग द्वारा चार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना रजनीश झा ने जिला शिक्षा पदाधिकारी के अनुमोदन के बाद निलंबन की कार्रवाई की है। शिक्षक-छात्रा प्रकरण में गिरफ्तार किए गए संबंधित प्रधानाध्यापक को भी विभाग ने निलंबित कर दिया है।गरहथा कला मध्य विद्यालय में निमेज पंचायत के मुखिया, अभिभावकों और एमडीएम साधनसेवी की मौजूदगी में निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान विशिष्ट शिक्षक रामबचन यादव पर पाठ टीका तैयार नहीं करने, छात्रों को गृहकार्य नहीं देने, छात्रा से कंधे की मालिश कराने, समयसारिणी के अनुसार कक्षा का संचालन नहीं करने, मोबाइल पर लगे रहने तथा शैक्षणिक व्यवस्था में अनियमितता बरतने के आरोप पाए गए। इसके अलावा छात्र-छात्राओं द्वारा विद्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी किए जाने के बाद अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं कर्तव्यहीनता के आरोप में उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। इसके आलोक में उन्हें निलंबित कर उनका मुख्यालय चक्की बीआरसी निर्धारित किया गया है। इसी तरह विद्यालय के विशिष्ट शिक्षक राकेश सिंह और योगेंद्र यादव को भी पाठटीका तैयार नहीं करने, छात्रों को गृहकार्य नहीं देने, समयसारिणी के अनुसार कक्षा का संचालन नहीं करने, मोबाइल पर लगे रहने और शैक्षणिक व्यवस्था में अनियमितता बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है। दोनों को छात्र-छात्राओं द्वारा विद्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी के बाद अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं कर्तव्यहीनता के आरोप में कार्रवाई के अधीन किया गया है। राकेश सिंह का निलंबन मुख्यालय केसठ बीआरसी और योगेंद्र यादव का मुख्यालय इटाढ़ी प्रखंड संसाधन केंद्र निर्धारित किया गया है। वहीं, विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राधा मोहन यादव को भी निलंबित किया गया है। उनका निलंबन मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र राजपुर निर्धारित किया गया है।
प्रभारी प्रधानाध्यापक पर विद्यालय में समयसारिणी एवं संचालन पंजी उपलब्ध नहीं रखने, कंपोजिट ग्रांट की आवंटित राशि के व्यय से संबंधित पंजी अनुपलब्ध पाए जाने तथा शिक्षिका खुशबू कुमारी के ई-शिक्षाकोष पर एक मई से 17 मई तक अनुपस्थित रहने के बावजूद उपस्थित दिखाकर वेतन भुगतान कराने समेत कई आरोप लगाए गए हैं।
विभागीय जांच के बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। दूसरी तरफ शिक्षक-छात्रा प्रकरण में भी पुलिस के हत्थे चढ़े संबंधित प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है।
