मोतिहारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की छात्रा रिमी कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद गुरुवार की देर रात कॉलेज परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
घटना से आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने कैंपस में जमकर हंगामा और नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे छात्र रिमी की मौत के असली कारणों का खुलासा करने और मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे।
आधी रात को बढ़ते बवाल की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना में तैनात प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और आक्रोशित छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
एसपी ने किया एसआईटी का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने त्वरित एक्शन लिया है। घटना की बारीकी से जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया गया है। इस एसआईटी का नेतृत्व सदर-टू के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) जितेश कुमार पांडेय को सौंपा गया है। एसपी ने मुफस्सिल थाना पुलिस को निर्देश दिया है कि पीड़ित पिता के आवेदन के आधार पर तुरंत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जाए और उसमें लगाए गए सभी आरोपों की गहराई से जांच हो।
सेलफोन से मिले अहम सुराग
एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि मृतका के सेलफोन की शुरुआती जांच में कुछ बेहद महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ रही है। इस मामले में कॉलेज के अन्य छात्र-छात्राओं के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। इसी बीच कॉलेज और प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि साक्ष्यों को छिपाने के लिए छात्रा के मोबाइल फोन के साथ छेड़छाड़ की गई है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और हर बिंदु को खंगाला जा रहा है।
