बंगाल की नई सरकार ने राज्य के दो बड़े शहरी निकायों, हावड़ा नगर निगम और बाली नगरपालिका में पिछले एक दशक से थमे चुनावी पहिये को फिर से घुमाने की तैयारी पूरी कर ली है। गुरुवार को हावड़ा में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक के बाद सीएम शुभेंदु अधिकारी ने एलान किया कि सरकार इसी साल दिसंबर महीने के भीतर दोनों नगर निकायों में चुनाव कराने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही वार्डों के नए परिसीमन (डीलिमिटेशन) का काम पूरा हो जाएगा, वैसे ही चुनावी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी ताकि आम जनता को उनके चुने हुए जनप्रतिनिधि मिल सकें।
प्रशासनिक बैठक में मुख्यमंत्री ने हावड़ा और बाली शहर की बदहाल नागरिक सुविधाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक दशक से अधिक समय से चुनाव न होने के कारण स्थानीय विकास पूरी तरह ठप पड़ा था, क्योंकि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बिना जमीनी स्तर पर नागरिक सेवाएं सही तरीके से नहीं चलाई जा सकतीं। इस बैठक में रेलवे, केएमडीए समेत कई प्रमुख सरकारी एजेंसियों को भी तलब किया गया था। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार की प्राथमिकता हावड़ा शहर के लोगों को साफ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना, चरमराई सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना, जलजमाव की बारहमासी समस्या से मुक्ति दिलाना और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है। जब तक चुनाव होकर नया बोर्ड गठित नहीं हो जाता, तब तक नागरिक सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए हावड़ा के जिलाधिकारी और शहरी विकास विभाग के सचिव की देखरेख में एक विशेष को-ऑर्डिनेशन कमिटी बना दी गई है।
इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के तेवर हावड़ा नगर निगम के संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारियों के एक खास वर्ग पर बेहद तल्ख नजर आए। उन्होंने सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए आरोप लगाया कि निगम में कई ऐसे कर्मचारी हैं जो राजनीतिक प्रभाव और रसूख के दम पर बिना कोई काम किए वर्षों से मुफ्त का वेतन उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में साफ कर दिया कि नई सरकार के राज में इस तरह की लापरवाही, कामचोरी और वित्तीय फर्जीवाड़ा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब काम न करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और पूरी पारदर्शिता के साथ हावड़ा को एक विकसित और आधुनिक शहर के रूप में तैयार किया जाएगा।
