काजीमोहम्मदपुर थाने के छाता चौक-बटलर रोड में लेनिन चौक के पास नाला निर्माण कार्य को लेकर सड़क पर बेतरतीब तरीके से रखी निर्माण सामग्री पर बाइक फिसलने से युवा चिकित्सक शशांक सिंह (32) की मौत हो गई। वह मूलरूप से वैशाली जिले के जैतीपुर के रहनेवाले थे। वर्तमान में वह काजीमोहम्मदपुर थाने के गन्नीपुर मिश्रा टोला में रह रहे थे। वह शहर के मझौलिया स्थित आशा अस्पताल में चिकित्सक के साथ आइसीयू के इंचार्ज थे।
हादसे के बाद स्वजन में कोहराम मच गया। थानाध्यक्ष चंद्रभूषण कुमार सिंह ने बताया शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। स्वजन को आवेदन देने के लिए कहा गया है। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, हादसे के बाद शहर के चिकित्सकों में शोक है। बताया गया कि रविवार को चिकित्सकों की ओर से कांवरियों की सेवा के लिए शिविर लगा था। रविवार देर रात करीब तीन बजे वह कांवरिया शिविर से निकले थे। घर जाने के क्रम में लेनिन चौक के पास सड़क पर नाला निर्माण के लिए रखी गिट्टी व बालू से उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित होकर फिसल गई। इससे वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना पर डायल 112 की टीम ने घायल चिकित्सक को तत्काल आशा अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी मौत हो गई। जानकारी मिलते ही परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचे। बताया गया कि उनकी पत्नी भी पूर्णिया में चिकित्सक हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्णिया से पत्नी सोमवार को पहुंची। घर पर शुभचिंतकों व आसपास के लोगों की भीड़ लगी रही। आसपास के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देकर शांत कराते रहे। स्वजन व परिचितों ने निर्माण एजेंसी की लापरवाही से हादसा की बात बताई। कहा कि सड़क पर जिस तरह से बालू, गिट्टी गिराकर रखी गई उससे आएदिन हादसा हो रहा। एजेंसी ने कोई संकेतक भी नहीं लगाया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी एजेंसी के विरुद्ध आक्रोश रहा। आरोप लगाया कि एजेंसी की लापरवाही से चिकित्सक की जान गई है।
चक्कर चौक के पास नाला निर्माण के लिए गिट्टी व बालू को सड़क के बड़े हिस्से में फैलाकर छोड़ दिया है। स्थानीय लोगों का कहना था कि सड़क पर निर्माण सामग्री बिखरी रहने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। रात के समय स्थिति और खतरनाक हो जाती है। स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल पर तत्काल बैरिकेडिंग, संकेतक व पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की है।
