उत्पाद विभाग की टीम ने नकली शराब बनाने के लिए मंगाई गई स्प्रिट की खेप को जब्त किया। मौके से एक धंधेबाज को भी गिरफ्तार किया गया। स्प्रिट की खेप को होमियोपैथी दवा का लेबल लगे बोतल में लाया गया था। सभी बोतलों पर व्हीजल होमियाेपैथी सिपिया छह लिखा हुआ है। उत्पाद विभाग ने यह कार्रवाई पताही हवाईअड्डा और करजा के महमदपुर खाजे स्थित एक मुर्गा फार्म एवं झोपड़ी में छापेमारी कर की है।
उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार धंधेबाज की पहचान मुशहरी के सलहा के सूरज कुमार के रूप में हुई है। जबकि सुमित पटेल फरार हो गया। इसी के मुर्गा फार्म और झोपड़ी से स्प्रिट जब्त की गई। इस मामले में मास्टरमाइंड मुशहरी का राजा कुमार है। दूसरे प्रदेश से वह लगातार स्प्रिट की खेप मंगाकर सप्लाई करता है। मुशहरी में भी उसके विरुद्ध मामला दर्ज है। जब्त स्प्रिट 325 लीटर बताई गई है।
उत्पाद इंस्पेक्टर ने बताया कि गोपालगंज से बस से स्प्रिट की खेप मंगाई गई थी। इसकी सूचना मिलने पर सब इंस्पेक्टर तारकेश्वर पांडेय और एएसआइ नीरज कुमार सिंह के साथ छापेमारी की गई।
बैरिया में बस से इसे अनलोड कर आटो से आपूर्ति करने धंधेबाज ले जा रहा था। पताही हवाईअड्डा के पास घेराबंदी कर उसे दबोचा गया। बोतल खोलकर जांच की गई तो इसमें से स्प्रिट मिला। आटो चालक सूरज को दबोचने के बाद उससे पूछताछ की गई। उसने सुमित पटेल के ठिकाने की जानकारी दी। वहां पहुंचकर टीम ने छापेमारी की तो बोरियाें के पीछे छुपाकर रखी गई स्प्रिट मिली। सभी बोतलों पर होमियाेपैथी की एक ही दवा का लेबल लगा हुआ था। वहां से नकली शराब बनाने का रैपर, लेबल, ढक्कन और भारी मात्रा में बोतल भी जब्त किया गया। सुमित के ठिकान से शराब के तीन ब्रांड के रैपर मिले। अल्कोहल की मात्रा मापने का मीटर भी मिला
वहां से अलकोहल की मात्रा मापने वाला थर्मामीटर भी मिला। इसके अलावा रंग मिला, जिससे शराब जैसा रंग तैयार किया जाता है। उत्पाद इंस्पेक्टर ने बताया कि जिस बस से स्प्रिट की आपूर्ति की जा रही है। उसका भी पता लग गया है। इस दिशा में भी कार्रवाई जारी है।
