सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक प्रवीण कुमार ने कश्मीर घाटी के अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा परिदृश्य और परिचालन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। २८ मार्च २०२६ को समाप्त हुए इस दौरे में उन्होंने अग्रिम चौकियों का दौरा किया और स्थानीय कमांडरों व जवानों के साथ संवाद किया। महानिदेशक ने चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों और अत्यधिक खराब मौसम के बावजूद देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात जवानों के समर्पण, अनुशासन और पेशेवर कार्यक्षमता की सराहना की। उन्होंने ‘प्रहरी सम्मेलन’ को भी संबोधित किया, जहाँ उन्होंने जवानों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और उनके अटूट समर्पण को राष्ट्रीय शक्ति का प्रतीक बताया।
रणनीतिक तालमेल को मजबूत करने के उद्देश्य से महानिदेशक ने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ भी सार्थक बैठकें कीं। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच निर्बाध समन्वय और सामूहिक प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया। अपने दौरे के दौरान उन्होंने बीएसएफ कमांडों के साथ साप्ताहिक लंबी दौड़ में भी हिस्सा लिया, जो बल के भीतर धीरज और टीम भावना को प्रदर्शित करता है। यह दौरा सीमा पार से होने वाली संभावित गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा तंत्र को अधिक सतर्क और सक्रिय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
