बिहार के मुजफ्फरपुर में खाली मकानों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड देवलाल सहनी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह सामने आई कि आरोपी चोरी से मिले पैसों से अपने शौक पूरे करते थे। चोरी के रुपयों से स्कूटी और वीडियो कैमरा खरीदकर घूमते थे और उसी कैमरे से वीडियो शूट कर रील बनाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देसी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, बाइक-स्कूटी, सोने के आभूषण और वीडियो कैमरा बरामद किया है। वहीं, आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का सोना खरीदकर उसे गलाकर बेचने वाले दो दुकानदारों को भी गिरफ्तार किया गया है। ग्रामीण एसपी राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार शुरुआती गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारी के आधार पर देवलाल सहनी, कैलाश कुमार और विक्रम कुमार उर्फ बल्लू को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस को चोरी के सामान को ठिकाने लगाने वाले लोगों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने कन्दन कुमार साह और विक्की कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, दोनों दुकानदार चोरी का सोना खरीदते थे और बाद में उसे गलाकर बेचने का काम करते थे।
जांच के दौरान सामने आया यह एंगल पुलिस के लिए भी चौंकाने वाला रहा। पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी से मिले पैसों का इस्तेमाल अपने शौक पूरे करने में करते थे। इनमें घूमना और वीडियो बनाना प्रमुख था। बताया गया कि चोरी के पैसों से वीडियो कैमरा खरीदा गया था। आरोपी घूमने के दौरान कैमरे से वीडियो शूट करते और रील बनाते थे। इसके अलावा चोरी के पैसों से स्कूटी समेत अन्य सामान भी खरीदा गया था। यानी चोरी से कमाई और उसी रकम से अपने शौक पूरे करने का सिलसिला चल रहा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी का कई सामान बरामद किया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। ग्रामीण एसपी राजेश कुमार सिंह प्रभाकर ने बताया कि 7 सितंबर को मुरौल ओपी पुलिस को सूचना मिली थी कि मोहम्मदपुर स्थित तिरहुत नहर के पास कुछ अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए जुटे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया। इनके पास से एक देसी कट्टा, चार जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार देवलाल सहनी गिरोह का मास्टरमाइंड है। उसका पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ लूट, चोरी, चोरी के सामान से जुड़े मामलों और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। वहीं कैलाश कुमार के खिलाफ मुशहरी थाना में चोरी, मद्यनिषेध कानून समेत कई मामलों में प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। ग्रामीण एसपी ने बताया कि चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस लगातार सक्रिय थी। इसी कार्रवाई के दौरान एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
