भागलपुर में गंगा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। मंगलवार रात 10 बजे से बुधवार सुबह 6 बजे के बीच महज आठ घंटे में जलस्तर 11 सेंटीमीटर बढ़ गया। बुधवार सुबह भागलपुर गेज पर गंगा का पानी 31.99 मीटर पर पहुंच गया, जबकि मंगलवार रात यह 31.88 मीटर था। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से तटवर्ती और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
भागलपुर में गंगा के खतरे का निशान 33.68 मीटर है। ऐसे में नदी का मौजूदा जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ 1.69 मीटर नीचे रह गया है। गंगा का अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर 34.86 मीटर दर्ज किया गया है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी आदित्य प्रकाश ने बताया कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि लगातार जारी है। फिलहाल पानी करीब डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। उन्होंने संभावना जताई कि अगले सात दिनों तक गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रह सकता है। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने नदी के जलस्तर के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों और प्रमुख तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है।
गंगा के बढ़ते पानी का असर अब दियारा और निचले इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। खेतों में पानी फैलने से मक्का, सब्जी और अन्य खरीफ फसलों के बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। वहीं, तटवर्ती गांवों के लोग मवेशियों के चारे और जरूरी घरेलू सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
खरीक के राघोपुर और इस्माईलपुर-बिंदटोली में भी विभाग की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जिले के सभी प्रमुख तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण तटबंधों पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और तकनीकी टीम संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी कर रही है।
