सीमा सुरक्षा बल ने बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ और आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए एक बेहद अनूठा प्रस्ताव पेश किया है। ७ अप्रैल २०२६ को सामने आई एक आंतरिक संचार रिपोर्ट के अनुसार, बीएसएफ की फील्ड इकाइयों को भारत-बांग्लादेश सीमा के नदी क्षेत्रों में सांपों और मगरमच्छों जैसे सरीसृपों की तैनाती की व्यवहार्यता तलाशने का निर्देश दिया गया है। यह निर्देश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए सुझावों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य उन चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाना है जहाँ बाढ़ या दुर्गम इलाकों के कारण भौतिक बाड़ लगाना मुश्किल है।
हालांकि, इस योजना के क्रियान्वयन में कई व्यावहारिक चुनौतियां भी शामिल हैं। बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल यह केवल एक प्रस्ताव है और इसे अभी लागू नहीं किया गया है। बड़ी चुनौतियों में इन जीवों की खरीद, उनकी तैनाती और नदी किनारे रहने वाली स्थानीय आबादी पर पड़ने वाले सुरक्षा जोखिम शामिल हैं। गौरतलब है कि ४,०९६.७ किमी लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा का एक बड़ा हिस्सा पहाड़ियों, नदियों और घाटियों से गुजरता है, जिससे इसकी निगरानी करना कठिन हो जाता है। बीएसएफ अब इस बात का अध्ययन कर रही है कि क्या इन जीवों का उपयोग ऑपरेशनल दृष्टिकोण से सफल हो सकता है, साथ ही सीमा के ‘डार्क जोन’ (बिना मोबाइल सिग्नल वाले क्षेत्र) की पहचान भी की जा रही है।
