May 25, 2026
essel

भारत के बहुआयामी कारोबारी समूहों में शुमार एस्सेल ग्रुप ने अपनी वैश्विक यात्रा के 100 स्वर्णिम वर्ष पूरे कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 1926 में आदमपुर जैसे छोटे से शहर से शुरू हुई यह यात्रा आज दुनिया भर में विविध कारोबारों में अपनी मजबूत पहचान रखने वाले विशाल समूह के रूप में स्थापित हो चुकी है। बीती एक सदी में एस्सेल ग्रुप ने अपने नवाचार, दूरदृष्टि और उद्यमशीलता की भावना से वैश्विक स्तर पर एक स्थायी छाप छोड़ी है। 1967 के बाद एस्सेल ग्रुप ने पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़ते हुए खुद को स्टार्ट-अप संस्कृति वाले वैश्विक समूह के रूप में स्थापित किया। कमोडिटी ट्रेडिंग से शुरू हुआ कारोबार आगे चलकर आर्मी सप्लाई और सीमापार व्यापार तक पहुंचा। इसके बाद समूह ने ऐसे कई क्षेत्रों में कदम रखा, जहां उसने उद्योग जगत में पहली बार नई पहल करते हुए नए मानक स्थापित किए। स्टार्ट-अप सोच और लाभप्रदता पर स्पष्ट फोकस बनाए रखते हुए समूह ने उन व्यवसायों को बंद करने से भी परहेज नहीं किया, जो अपेक्षित स्तर पर मूल्य सृजन नहीं कर पा रहे थे।

स्वर्गीय राम गोपाल जी द्वारा स्थापित इस समूह को उनके पुत्र श्री जगन्नाथ जी गोयनका ने आगे बढ़ाया। श्री नंद किशोर जी के सहयोग और बाद में दूरदर्शी उद्योगपति डॉ. सुभाष चंद्र एवं उनके भाइयों – लक्ष्मी नारायण, जवाहर और अशोक गोयल – के नेतृत्व में एस्सेल ग्रुप नई ऊंचाइयों तक पहुंचा। आज यह देश के चुनिंदा कारोबारी समूहों में शामिल है, जिसकी समृद्ध विरासत सफलतापूर्वक छठी पीढ़ी तक पहुंच रही है, जबकि चौथी और पांचवीं पीढ़ी अब भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। पिछले 100 वर्षों में समूह ने पैकेजिंग, होम एंटरटेनमेंट, एम्यूजमेंट पार्क, न्यूज, कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन, इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट, शिक्षा, टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल जैसे अनेक क्षेत्रों में विस्तार किया। इसके माध्यम से 190 से अधिक देशों में अरबों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। उदारीकरण से पहले के दौर में भारतीय उद्योग जगत को नई पहचान देने से लेकर देश की आर्थिक ताकत और सांस्कृतिक प्रभाव को मजबूत करने तक, एस्सेल ग्रुप ने राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई। अपनी अग्रणी पहलों के जरिये समूह ने सिर्फ कंपनियां ही नहीं, बल्कि पूरे उद्योग खड़े किए और ‘इम्प्रेशन ऑफ ए सेंचुरी’ की अवधारणा को साकार करते हुए देशभर में 1 करोड़ से अधिक रोजगार अवसर सृजित किए।

इस ऐतिहासिक अवसर पर डॉ. सुभाष चंद्र ने कहा, “एस्सेल ग्रुप की यात्रा दृढ़ संकल्प, संघर्ष, नवाचार और विकास की कहानी रही है। हमारा हमेशा यह विश्वास रहा कि प्रगति वही है, जो समाज और राष्ट्र दोनों के लिए मूल्य पैदा करे। इसी सोच ने समूह को हर कारोबारी क्षेत्र में अग्रणी कदम उठाने की प्रेरणा दी। मैं और मेरे भाई इस बात पर गर्व महसूस करते हैं कि पीढ़ियों की दूरदृष्टि और नए रास्तों पर चलने के साहस ने एस्सेल ग्रुप को 100 वर्षों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि तक पहुंचाया। हमारी यात्रा देश की प्रगति के साथ-साथ आगे बढ़ी है और हमें गर्व है कि हमने आर्थिक मूल्य सृजन के साथ सामाजिक बदलाव को भी गति दी है।”

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