July 9, 2026
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भोजपुर जिला में भाजपा नेता की चाकू घोंप कर हत्या कर दी गई। मृतक विक्रांत कुमार सिंह उर्फ विक्की, उम्र-32, सहार प्रखंड में बड़की खड़ाव गांव के निवासी और वीरेंद्र सिंह के पुत्र थे। विक्रांत, भारतीय जनता पार्टी में बड़की खड़ाव पंचायत के अध्यक्ष थे। अनाज का व्यवसाय भी करते थे। हमलावर अनिल सिंह, पिता-स्वर्गीय बबन‌ सिंह उनके गांव का ही निवासी और पड़ोसी है। विक्रांत के पिता वीरेंद्र सिंह के अनुसार अनिल सिंह पहले से हत्या की योजना बनाकर शिव मंदिर के पास चाकू लेकर घात लगाए बैठा था। मौका मिलते ही पुत्र विक्रांत पर हमला कर हत्या कर दिया। परिजनों के अनुसार बुधवार की सुबह करीब आठ बजे घटना हुई। विक्रांत अनाज का पैसा देकर बाइक से अपने घर लौट रहे थे। तभी गांव में शिव मंदिर के पास पहले से घात लगाए बैठे अनिल सिंह ने विक्रांत पर अचानक हमला बोल दिया। अनिल ने पहले विक्रांत के सिर पर चाकू से वार किया गया। इस हमले से विक्रांत नीचे गिर गये। जिसके बाद आरोपी ने सीने के बाईं ओर हृदय के पास लगातार वार करने लगा। इसके बाद फरार हो गया। इस दौरान गांव के लोग और परिजन जुट गये। विक्रांत को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सहार लेकर पहुंचे। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गांव में तनाव हो गया। इस बीच सूचना पाकर सहार थाना, चौरी थाना, नारायणपुर समेत अन्य थानों की पुलिस भी बड़की खड़ाव गांव में पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और शव कोपोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, आरा भेज दिया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। जमीन कब्जा करने का था मामला ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार विक्रांत के घर के समीप लगभग उन चार कट्ठा पुश्तैनी जमीन है। इसी जमीन से रास्ता निकालने और कब्जे को लेकर पड़ोसी अनिल से लंबे समय से विवाद चल रहा था। करीब दस माह पहले इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। मामला वर्तमान में आरा न्यायालय में विचाराधीन है। पिता वीरेंद्र सिंह का आरोप है कि इसी पुराने विवाद के कारण साजिश के तहत विक्रांत की हत्या की गई। विक्रांत मेहनती और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने वाला होनहार बेटा था।
चार साल पहले हुई थी शादी विक्रांत कुमार सिंह की शादी लगभग चार वर्ष पूर्व जनकपुरिया गांव निवासी प्रिया देवी से हुई थी। उनके परिवार में दो छोटे बेटे हैं। बड़ा बेटा भानू सिंह दो वर्ष व छोटा बेटा आहान एक वर्ष का है। पिता की असमय मौत से दोनों मासूमों के सिर से पिता का साया उठ गया। घटना के बाद पत्नी प्रिया देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। विक्रांत अपने चार भाई-बहनों में तीसरे स्थान पर थे। दोनों बहनों की शादी हो चुकी, छोटा भाई ऋषु उर्फ टुटू रेलवे में कार्यरत हैं। परिवार में मातम शोक का माहौल है।

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