राजगीर के बाद अब पटना में भी आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम तैयार करने की योजना है। मोइनुल हक स्टेडियम को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि करीब 500 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का खर्च बिहार सरकार नहीं उठाएगी, बल्कि BCCI निर्माण की जिम्मेदारी संभालेगा।
मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम में बताया कि बिहार सरकार की ओर से स्टेडियम के पुनर्विकास को लेकर BCCI से बातचीत की गई थी। सरकार के प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद मोइनुल हक स्टेडियम को आधुनिक क्रिकेट कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
योजना के तहत करीब 25 से 30 एकड़ क्षेत्र में क्रिकेट कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा। इसमें दो क्रिकेट मैदान बनाए जाएंगे, जबकि मुख्य स्टेडियम में करीब 40 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके बनने के बाद पटना में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों और IPL जैसे बड़े मुकाबलों के आयोजन की संभावना बढ़ जाएगी।
खिलाड़ियों की सुविधाओं का भी खास ध्यान रखा जाएगा। स्टेडियम में हाईटेक ड्रेसिंग रूम, जिम, स्विमिंग पूल और स्पा सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा पूरे क्रिकेट कॉम्प्लेक्स में 9 से 16 विकेट तैयार किए जाने की योजना है, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास की सुविधा मिल सके।
स्टेडियम के पुनर्विकास का काम करीब तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अगर काम तय समय के अनुसार आगे बढ़ा, तो लगभग 2029 तक पटना को नया इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम मिल सकता है।
इस स्टेडियम के तैयार होने से बिहार में बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित कराने का रास्ता आसान होगा। साथ ही स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने और राज्य के युवा क्रिकेटरों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
