पश्चिम बंगाल के डुआर्स क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष की एक और दुखद घटना सामने आई है। जलपाईगुड़ी जिले के बामनडांगा टोंडू चाय बागान में हाथियों के एक झुंड ने देर रात अचानक हमला बोलकर भारी उत्पात मचाया। वन विभाग के सूत्रों और स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पास के जंगल से आए इस बेकाबू झुंड ने चाय बागान के श्रमिक आवासीय क्षेत्र में घुसकर मजदूरों के कई कच्चे और पक्के घरों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इस अचानक हुए हमले से सो रहे मजदूरों और उनके परिवारों में भारी अफरा-तफरी मच गई, जिससे अपनी जान बचाने के लिए लोगों को अंधेरे में ही सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।
इस हिंसक उपद्रव के दौरान हाथियों ने न केवल आवासीय ढांचों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि घरों के भीतर रखे अनाज, राशन और चाय बागान के आसपास लगी तैयार फसलों को भी पूरी तरह रौंदकर नष्ट कर दिया। चाय बागान प्रबंधन और श्रमिक यूनियनों ने इस लगातार बढ़ते खतरे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश जताया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रात के समय वन कर्मियों की गश्त न होने के कारण जंगली जानवर अक्सर आबादी वाले इलाकों में घुस आते हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय वन अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को सरकारी नियमों के तहत उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है और क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त सर्च लाइट व सुरक्षा दस्तों की तैनाती का फैसला किया है।
