जून 2026 में भारत का इंडेक्स ऑफ़ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत बढ़ा। मई में यह दर संशोधित 5.0 प्रतिशत थी। इस बढ़ोतरी में मैन्युफैक्चरिंग और बिजली व गैस सप्लाई सेक्टर की मज़बूत ग्रोथ का अहम योगदान रहा। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के बयान के अनुसार, जून 2026 में IIP ग्रोथ रेट मई 2026 के 5.1 प्रतिशत (क्विक एस्टीमेट) से बढ़कर 7.3 प्रतिशत हो गई। मंत्रालय ने कहा कि यह ग्रोथ मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी और बिजली व गैस सप्लाई में 10.6 प्रतिशत की तेज़ी के कारण हुई। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में, NIC 2-डिजिट लेवल पर 23 इंडस्ट्री ग्रुप्स में से 19 ने जून 2025 की तुलना में जून 2026 में पॉज़िटिव ग्रोथ दर्ज की। रिलीज़ के अनुसार, इसमें सबसे बड़ा योगदान इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट बनाने वाली इंडस्ट्री का रहा, जिसमें 34.0 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई; इसके बाद मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर (17.5 प्रतिशत) और खाद्य उत्पाद (10.8 प्रतिशत) का स्थान रहा। रिलीज़ के मुताबिक, जून 2026 में माइनिंग और क्वारीइंग, मैन्युफैक्चरिंग, बिजली और गैस सप्लाई, तथा पानी की सप्लाई, सीवरेज और वेस्ट मैनेजमेंट में क्रमशः 1.0 प्रतिशत, 7.8 प्रतिशत, 10.6 प्रतिशत और 6.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। मंत्रालय ने बताया, “IIP का क्विक एस्टीमेट जून 2025 के 114.7 के मुकाबले 123.1 रहा। जून 2026 के लिए माइनिंग और क्वारीइंग, मैन्युफैक्चरिंग, बिजली और गैस सप्लाई तथा पानी की सप्लाई, सीवरेज और वेस्ट मैनेजमेंट के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स क्रमशः 110.0, 123.3, 131.0 और 145.7 रहे।” रिलीज़ के अनुसार, इस महीने में कुल IIP ग्रोथ में इंटरमीडिएट गुड्स, प्राइमरी गुड्स और कैपिटल गुड्स का सबसे ज़्यादा योगदान रहा। इसमें आगे कहा गया है कि इस्तेमाल के आधार पर वर्गीकरण (Use-Based Classification) के तहत, जून 2025 के मुकाबले जून 2026 में IIP की ग्रोथ प्राइमरी गुड्स के लिए 4.9 प्रतिशत, कैपिटल गुड्स के लिए 14.2 प्रतिशत, इंटरमीडिएट गुड्स के लिए 9.3 प्रतिशत, इंफ्रास्ट्रक्चर/कंस्ट्रक्शन गुड्स के लिए 7.5 प्रतिशत, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के लिए 7.7 प्रतिशत और कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स के लिए 4.9 प्रतिशत रही।
